स्वास्थ्य महकमा अब वैक्सीन के जरिए रोके जाने वाली बच्चों की पांच बीमारियों की निगरानी और बीमारी वाले इलाकों में निरोधात्मक कार्रवाई को अंजाम देगा। इसके लिए स्वास्थ्य महकमे के उच्चाधिकारियों और शासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक वैक्सीन के माध्यम से बच्चों में होने वाले पोलियो और खसरा रोग की निगरानी और विशेष जांच की जाती थी और इन बीमारी वाले इलाकों में निरोधात्मक कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब चूंकि पोलियो का वायरस देश से खत्म हो चुका है, इसलिए बच्चों में होेने वाली अन्य तीन बीमारियां गलाघोंटू, काली खांसी और नवजात बच्चों में होने वाली टिटनेस की बीमारी की भी महकमे द्वारा प्रत्येक समुदाय और क्षेत्र में निगरानी की जाएगी।
इन रोगों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। यही नहीं, जहां भी यह रोग फैलने की दशा में होंगे, वहां निरोधात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। अगस्त के अंतिम सप्ताह से यह काम शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होने बताया कि महकमा इसे लेकर जल्द ही डब्ल्यूएचओ के माध्यम से जिला स्तर के चिकित्सकों की एक वृहद कार्यशाला का भी आयोजन करेगा। कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और जेएम नेट इकाई का भी प्रभावी सहयोग रहेगा। आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम को इस कार्य में लगाया जाएगा।