सासनी सीचएसी पर शनिवार को इलाज नहीं मिलने से मां की गोद में ही बच्चे के दम तोड़ने की घटना के अगले दिन रविवार को सीएमओ ने सीएचसी का दौरा किया। यहां उन्होंने घटना की जांच करने के बाद मिली अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए स्टाफ को फटकार भी लगाई।
सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि सीएचसी प्रभारी और स्टाफ से हुई वार्ता के बाद जांच में प्रथमदृष्टया यही निकलकर सामने आया है कि बच्चे को मृत अवस्था में ही सीएचसी पर लाया गया था। मामले की पूरी जांच के लिए एसीएमओ डीके अग्रवाल की नेतृत्व में जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है। उन्होंने सीएचसी पर मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ से कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएचसी पर जांच में यह भी पाया गया कि संविदा चिकित्सक दो दिन से ड्यूटी पर नहीं आ रहे। इनका वेतन काटने के निर्देश सीएचसी प्रभारी को दिए गए। निरीक्षण में सीएचसी का जेनरेटर भी तेल के अभाव में बंद पड़ा मिला। डिलीवरी रूम में भी कोई मरीज नहीं मिला। इसके अलावा उन्होंने कौमरी-खिटौली में बनाई गई सीएचसी का निरीक्षण किया।
यहां उन्हें बिजली कनेक्शन नहीं मिला। पेड़-पौधे भी लगे नहीं मिले। सीवर टैंक के निर्माण में लापरवाही मिली। यह खुली हुई अवस्था में मिले। नाली को बंद नहीं कराया गया था। ठेकेदार को फटकार लगाते हुए शीघ्र व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि चिकित्सकीय सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं उपचार के अभाव में 20 दिन के नवजात शिशु की मौत पर स्वास्थ्य अधिकारियों के बयान पर मृत शिशु की पीड़ित मां डौली ने बताया कि डॉक्टर बदनामी के कारण गलत बात कह रहे हैं। हम मरे हुए बच्चे को लेकर सीएचसी क्यों जाते? उस समय डौली की सास माया देवी भी मौजूद थीं।