चैत्र नवरात्र के छठवें दिन माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। दोपहर तक मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। शाम से लेकर देर रात तक देवी प्रतिमाओं के मनोहारी शृंगार का दर्शन करने के लिए भक्त उमड़ते रहे।
भोर की पहली किरण के साथ ही घर-घर में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। सुबह भक्तों ने अज्ञारी कर देवी की आरती की। इसके बाद हाथों में पूजा की थाली और जल का पात्र लेकर भक्त देवी मंदिरों में पहुंचे। देवी के जयकारों के बीच भक्तों ने उनकी प्रतिमाओं का अभिषेक किया। कई मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी रहीं।
शहर के प्रमुख किला गेट स्थित पथवारी देवी, चामड़ गेट स्थित चामुंडा देवी, रमनपुर स्थित चामुंडा देवी, हाथरसी देवी और बौहरे वाली देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पूरे दिन मंदिरों में घंटा-घड़ियालों की टंकार और देवी के जयकारों की गूंज रही। शाम को मंदिरों में माता रानी का भव्य शृंगार किया गया और फूल बंगला सजाया गया।
आज होगा वाराही मेले का आयोजन
नवरात्र की सप्तमी के दिन बुधवार को शहर के मुरसान गेट स्थित वाराही देवी मंदिर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव दरियापुर स्थित वाराही देवी के मंदिर पर भी मेले का आयोजन होगा। यहां दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचकर मातारानी का दर्शन करेंगे और उनका भोग लगाकर बच्चों की कुशलता की कामना करेंगे।