संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 को लेकर शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। बीएसए दफ्तर के सामने नारेबाजी करते हुए माध्यमिक व बेसिक के शिक्षकों ने शासनादेश को फाड़ कर उसकी प्रतियां जलाई गईं। शिक्षकों ने इस विधेयक को शिक्षकों के हित के खिलाफ बताया। विधेयक को वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने पांच जनवरी 2021 को पारित शासनादेश का विरोध करते हुए, सरकार से इसको वापस लेने की मांग की गई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार आमोरिया ने कहा कि यह काला कानून जब तक वापस नहीं होता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पांच जनवरी को एक नया कानून बताना जिसमें शिक्षकों को अपील करने का कोई मौका नहीं दिया गया है, इस सरकार ने न्यायालय पर भी अपना अविश्वास जाहिर किया है। जिससे हम सभी शिक्षकों व कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। प्रदेश आह्वान पर शासनादेश की प्रतियां जलाई गई हैं। अगर इसको वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक पूरी तरह से सड़कों पर उतर आएंगे।
इस मौके पर प्रेमपाल सिंह मदनावत, चंद्रवीर सिंह, विजय वीर सिंह, यतेंद्र पाठक, गोविंद चौधरी, श्याम सुंदर यादव, शशी मोहन कुलश्रेष्ठ, सौरभ भारद्वाज, जीतेश कुमार, गोपाल त्यागी, रविन दीक्षित, गौरव पचौरी, भंवर सिंह, कृष्णकांत कौशिक, खुशबू शर्मा, शिप्रा वार्ष्णेय, आशीष कुमार, नेत्रपाल सिंह, गवेंद्र शर्मा, कन्हैया लाल, प्रभाकर शर्मा, बदरुज्जमा खां आदि मौजूद थे।