लगातार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं होने से आहत मोहल्ले वालों ने सीवर लाइन भी खुद ही डलवाई थी। इस पर भी करीब 30 हजार रुपये का खर्च आया था और उसके लिए भी चंदा एकत्र किया था। अब मोहल्ले के लोगों ने तय किया है कि वह जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर निर्भर नहीं रहेंगे।
इस गली के निर्माण न होने के कारण तमाम परेशानी होती थी, कई बार जनप्रतिनिधियों से कही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। -नरेश, स्थानीय निवासी
हम गलीवासियों ने खुद अपने पैसे से सड़क का निर्माण कराया है। सड़क निर्माण से पूर्व सीवर लाइन भी अपने ही पैसे से डलवाई है। -विनोद, स्थानीय निवासी