सहपऊ कस्बा के मोहल्ला अहेरियान निवासी निरंजन सिंह के दो पुत्र सुशील और काले हैं। दोनों ही हरियाणा के पानीपत में एक फैक्टरी में काम करते थे। पास में ही पिंकी का परिवार भी रहता था। कोरना संक्रमण काल के दौरान सुशील और पिंकी की शादी हुई थी। पिंकी सुशील से उम्र में बड़ी थी। दोनों परिवारों की सहमति से शादी हुई थी।
पानीपत में रहने के लिए होता था दोनों के बीच झगड़ा
शादी के कुछ दिन बाद सुशील सहपऊ आ गया था और यहीं पर मेहनत मजदूरी करने लगा। इसी दौरान उसके एक पुत्री हुई। बीच-बीच में पति-पत्नी में पानीपत में रहने के लिए झगड़ा भी होता था ।इसके बाद पिंकी दूसरी बार गर्भवती हुई तो अपने मायके चली गई और वहीं पर उसने दूसरी पुत्री को जन्म दिया। वह 15 दिन पहले ही मायके से लौटकर अपनी सुसराल आई थी। आने के कुछ दिन बाद ही वह फिर से मायके जाने की जिद करने लगी थी। सुशील के परिवार में वृद्ध मां-बाप हैं। बाप को बहुत ही कम दिखाई देता है, साथ ही एलर्जी रोग होने के कारण पूरी त्वचा खराब हो गई है। बूढ़ी मां भी खेतों में काम करती हैं। जब दोनों पानीपत जा रहे थे, उस समय सुशील की मां खेतों में धान की रोपाई के लिए निकल गई थी।
घर पर अकेली बुजुर्ग महिला, कोई साथ देने वाला नहीं
सुशील लापता है और उसका छोटा भाई काले पानीपत रहता है। घटना के मोहल्ले में भी पुलिस के डर से बुजुर्ग महिला के साथ जाने को भी कोई तैयार नहीं हो रहा था।