शैलेंद्र वार्ष्णेय सराफ ने बताया कि 12 अगस्त को शाम चार बजे वह सराफा चौक पर इन टिकटों को जलाएंगे। शैलेंद्र के पास विश्व के सभी देशों के डाक टिकटों का संग्रह है। उन्होंने कहा कि देश प्रेम और हिंदुओं की आस्था के आगे वह इन टिकटों की कीमत नगण्य समझते हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हो रहे हमले से नाराज हाथरस में डाक टिकटों के संग्रहकर्ता शैलेंद्र वार्ष्णेय सराफ ने अपने संग्रह में मौजूद बांग्लादेश के डाक टिकटों को जलाने का फैसला किया है।
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शैलेंद्र वार्ष्णेय सराफ ने बताया कि 12 अगस्त को शाम चार बजे वह सराफा चौक पर इन टिकटों को जलाएंगे। शैलेंद्र के पास विश्व के सभी देशों के डाक टिकटों का संग्रह है। उन्होंने कहा कि देश प्रेम और हिंदुओं की आस्था के आगे वह इन टिकटों की कीमत नगण्य समझते हैं।
पहले भी वह पुलवामा कांड के विरोध में पाकिस्तान के डाक टिकटों का दहन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने अपने पड़ोसी दे बांग्लादेश के सम्मान में वर्ष 1973 में एक डाक लिफाफा जारी किया था। इसमें बांग्लादेश का नक्शा और झंडा छपा है। इसकी कीमत 20 नए पैसे है।