स्कूल में बिना छत का शौचालय, भड़के नोडल अफसर
एबीआरसी को लगाई फटकार, कक्ष से बाहर निकाला
विद्यालय परिसर में गंदगी देखकर भी जताई नाराजगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। ब्लॉक मुरसान के गांव दयालपुर प्राथमिक विद्यालय का जिले के नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने निरीक्षण किया। शौचालय के बाहर हाथ धोने के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई। शौचालय की छत नहीं होने पर नोडल अधिकारी का पारा चढ़ गया। बच्चों से सवाल जवाब के दौरान एबीआरसी के बीच में बोलने पर फटकार लगाई और उनको कमरे से बाहर निकाल दिया।
नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी शुक्रवार को यकायक प्राथमिक विद्यालय दयालपुर पहुंचे। उन्होंने शौचालय का निरीक्षण किया। शौचालय के पास हाथ धोने के लिए पानी की टोंटी के नीचे पानी निकासी नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने शौचालय के गेट को खुलवाकर अंदर घुसे तो पता चला कि शौचालय की छत नहीं है। संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। स्कूल परिसर में पानी के टैंक की सही जगह नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की।
जब नोडल अधिकारी ने रसोइया से तौलिया का प्रयोग करने के बारे में जानकारी ली तो रसोइया ने हामी भर दी, लेकिन मांगने पर तौलिया नहीं मिल सका। आंगनबाड़ी केंद्र में नोडल अधिकारी ने रजिस्टर चेक किया, जिसमें कई ऐसे बच्चों के नाम दर्ज मिले, जो कि आंगनबाड़ी केंद्र पर नहीं आते हैं। ऐसे बच्चों के नाम दर्ज होने पर नाराजगी जताई। आंगनबाड़ी केंद्र में उन्होंने बच्चों का वजन तोलने के लिए मशीन मंगाई।
उन्होंने रजिस्टर में उपस्थित पायल नाम की बच्ची को बुलाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन बाद में कार्यकर्ता ने बताया कि यह बच्ची दूसरे स्कूल में पढ़ रही है। नोडल अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र में रखी किताब से संबंधित जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के बारे में पूछा तो वह चुप हो गई, जिसके चलते आंगनबाड़ी के अधिकारी दिनेश कुमार पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कक्षा दो की छात्रा निधि को बुलाकर बोर्ड पर उससे दो संख्याओं का जोड़ करने को कहा। निधि ने अपने तरीके से जोड़ कर दिया।
अध्यापिकाओं से भी उन्होंने सवाल जवाब किए तो अध्यापिका उनके जवाब को नहीं दे सकी। इतने में ही एबीआरसी कमरे में आए और बीच में बोलने लगे। एबीआरसी के बीच में बोलने पर नोडल अधिकारी ने उन्हें फटकार लगाई और कमरे से बाहर निकाल दिया। विद्यालय परिसर में निरीक्षण के दौरान विद्यालय के निकट पोखर व उसके पास पड़े कूड़े को लेकर नाराजगी जाहिर की। विद्यालय के कायाकल्प के लिए बीएसए व ग्राम प्रधान महीपाल को सौंदर्यीकरण के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।