ग्रामीणों को राशन कार्ड, पेंशन, आवास और शौचालय की समस्या को लेकर अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले तहसील सदर परिसर में प्रधानों ने धरना देकर प्रदर्शन किया।
संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में राशन की व्यवस्था अत्यंत दयनीय है।
प्रदेश में वर्ष 2000 में राशन कार्ड 10 वर्ष के लिए बनाए गए थे, बीते 16 वर्ष में प्रदेश की आबादी तो बड़ी है, लेकिन राशन कार्डों में वृद्धि नहीं की गई है, जिससे 30 फीसदी पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड ही नहीं बने हैं। इसके साथ प्रदेश की 50 फीसदी पात्र आबादी को पेंशन, शौचालय, आवास की सुविधा भी सरकार आज तक नहीं कर पाई है, जिससे जनता में रोष है।
संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा। प्रधानों ने इन समस्याओं का समाधान कराए जाने की मांग की है। इस मौके पर प्रधान रवेंद्र सिंह, मोहन सिंह, महीपाल सिंह, शिशुपाल सिंह राना, राजकुमार, राजवीर सिंह, राजपाल सिंह, अशोक कुमार, युद्धवीर सिंह, पलुआ, मुकेश आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
वहीं सासनी में सरकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित ग्रामीणों को पात्रता सूची में शामिल कराने के लिए सोमवार को प्रधानों ने अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार रामचंद्र को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से ग्राम प्रधानों ने कहा है कि आवास, पेंशन, शौचालय एवं राशन कार्ड जैसी मूलभूत सुविधाओं से पात्र ग्रामीण आज भी वंचित हैं। खाद्य सुरक्षा बिल लागू होने के बाद भी गरीब ग्रामीणों को सस्ता राशन नहीं मिल पा रहा है। शौचालयों के अभाव में ग्रामीण खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
गरीब लोग आज भी झोपड़ी में गुजारा कर रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में सतीश कुशवाहा, घनश्याम सिंह, योगेश चौधरी, निहाल सिंह, सुंदर सिंह, कपूरी वेगम, लालता प्रसाद, भारती देवी, सावित्री देवी, राकेश कमार, चोब सिंह, सर्वेश देवी, राजेश कुमार आदि शामिल थे।