चीख पुकार की आवाज सुनकर स्थानीय निवासी हेमराज व सत्यप्रकाश उसे बचाने की कोशिश की। आरोपी उन्हें भी मारने के लिए दौड़े। जिससे वह जान बचाकर वहां से बाहर भाग आए। बाद में नरेंद्र का सहकर्मी सुशील कुमार उसे जिला अस्पताल लेकर आया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले की जानकारी पर परिजन अस्पताल पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मृतक के पिता देवकीनंदन की तहरीर के आधार हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में सासनी कोतवाली प्रभारी केशव दत्त शर्मा का कहना है कि मामले में एक नामजद सहित चार अरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
बूढ़े पिता से छिन गया बुढ़ापे का एक मात्र सहारा
जिला अस्पताल में अपने बेटे नरेंद्र का शव देखकर देवकीनंदन रोने बिलखने लगे। नरेंद्र उनके एक लौते बेटा था। आरोपियों ने उनके बुढ़ापे का एक लौता सहारा भी छिन गया। नरेंद्र ने अपने पीछे रोते बिलखते दो बेटे व दो बेटियां छोड़ी हैं। देवकीनंदन को अब उनके पालन पोषण की फिक्र सता रही है।