बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने जिले में अनफिट, बिना फिटनेस और बिना परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक चलाए गए अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने पर 76 वाहनों के पंजीकरण निलंबित किए गए हैं, जबकि तीन के पंजीकरण निरस्त किए गए हैं।
इसके अलावा 96 स्कूली वाहनों के चालान काटे गए हैं, जबकि 52 वाहनों को सीज कर दिया गया है। जिले के 212 स्कूलों में 615 स्कूली वाहन संचालित हो रहे हैं (जिनमें छह अनुबंधित वाहन शामिल हैं)। विभागीय जांच व निरीक्षण के दौरान 98 स्कूली वाहन ऐसे पाए गए, जो सड़कों पर संचालन के योग्य नहीं थे।
संचालन के अयोग्य पाए गए वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभाग ने अनफिट व बिना परमिट वाले 198 स्कूल संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
जो भी स्कूली वाहन बिना फिटनेस, परमिट या तय मानकों के विपरीत चलते हुए मिलेंगे, उनके खिलाफ पंजीयन निरस्तीकरण व वाहन सीज करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
-लक्ष्मण प्रसाद, एआरटीओ।
स्कूली वाहनों की जांच के लिए चलेगा अभियान
डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मानकों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्कूली वाहनों की फिटनेस, चालक-परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण और निर्धारित क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाने की जांच होगी। पूर्व में स्कूली वाहनों से हुई दुर्घटनाओं की जांच कर रिपोर्ट भी मांगी गई है।