आरपीएफ के जवानों का कहना था कि गलती यात्री की है, न कि रेलवे की। आरपीएफ ने जगतपाल को ट्रेन में दोबारा नहीं चढ़ने दिया और उनके खिलाफ रेलवे एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बाद में जमानत दे दी। जगतपाल एक ओर रेलवे के नियमों को लेकर हैरान थे, वहीं दूसरी ओर इस बात को लेकर खुश थे कि उन्होंने अपनी बेटी की जान बचा ली।
लिखा पढ़ी के चलते 10 मिनट खड़ी रही ट्रेन
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में चेनपुलिंग के बाद लिखा-पढ़ी के नियम इस तरह के हैं कि ट्रेन को दोबारा चलने में 10 मिनट का समय लग जाता है। शुक्रवार को चेन पुलिंग की घटना में आरपीएफ व ट्रेन के गार्ड के बीच इतनी लिखा-पढ़ी की गई कि ट्रेन 10 मिनट तक खड़ी रही, जिससे यात्रियों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा, जबकि अन्य रेलवे जोन में चेन पुलिंग के दौरान इस तरह यात्रियों का समय खराब नहीं किया जाता।
मैं अभी बाहर हूं। चेन पुलिंग करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रेलवे नियमों में यात्री का छूटना, बच्चे का छूटना, सामान का छूटना यात्री की गलती मानी जाती है। इस तरह बिना उचित कारण के चेन पुलिंग करना ठीक नहीं है।-रनजीत यादव, आरपीएफ प्रभारी, हाथरस सिटी।