जमीन के विवाद में अतर सिंह की हत्या के बाद चंदपा क्षेत्र के गांव खेड़ा परसौली में तनाव भरी खामोशी छाई हुई है। गुरुवार दोपहर को पुलिस की मौजूदगी में ही अतर सिंह के शव का अंतिम संस्कार किया गया। हत्याकांड के बाद से ग्रामीणाें में आक्रोश व्याप्त है।
गांव में शांति कायम रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और आला पुलिस अधिकारी भी समय-समय पर गांव का राउंड ले रहे हैं। वहीं थाना पुलिस आरोपियों को दबोचने के लिए उनके घरों पर लगातार दबिश दे रही है। आरोपियों के विरुद्ध चंदपा और सासनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बुधवार दोपहर को खेड़ा परसौली के अतर सिंह पुत्र महावीर सिंह को गांव बिसाना के पास उस समय गोली मार दी गई थी जब वह अपने बेटे संजू के साथ अहवरनपुर स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। इस हमले में संजू के पेट में भी गोली लगी थी लेकिन वह बच निकला था।
आरोपियों के साथी विष्णु और कालिया निवासीगण खेड़ा परसौली ने इस हत्याकांड के चंद मिनटों बाद ही अतर सिंह के दूसरे बेटे नीरज उर्फ भूरा पर सासनी के समामई में हमला बोल दिया था। नीरज भी गोली से जख्मी हो गया था। अतर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के ही श्रीभगवान और लायक सिंह पुत्रगण रामवीर और गांव पट्टी सामंत के मुकेश पुत्र देवीसरन को नामजद किया है।
चंदपा पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 302 और 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, नीरज पर हमले के आरोप में सासनी पुलिस ने विष्णु और कालिया के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गुरुवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद अतर सिंह का शव गांव पहुंचा तो परिवार के लोग बिलख उठे।
अधिकारियों ने मौके की नजाकत देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। खुद सीओ सादाबाद मनीषा सिंह मौके पर मौजूद रहीं। पुलिस की मौजूदगी में अतर सिंह के शव का अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि अब अतर सिंह के दोनों बेटों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। चंदपा कोतवाल सत्येंद्र कुमार का कहना है कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।