नेशनल और स्टेट हाईवे पर मौजूद शराब के ठेकों पर पुलिस ने नजर रखना शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह ठेके एक अप्रैल से बंद होने जा रहे हैं। सरकार ने सुप्रीम के आदेश के अनुपालन में पुलिस को निर्देशित किया है। हर थाने की पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके क्षेत्र में नेशनल और स्टेट हाईवे पर कितने शराब के ठेके हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर बढ़ रहे हादसों को देखते हुए नेशनल और स्टेट हाइवे के किनारे बनी सभी शराब की दुकानों को एक अप्रैल 2017 तक बंद करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नेशनल-स्टेट हाइवे के किनारे शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने शराब की दुकानों को हाइवे से 500 मीटर दूर करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक अब कोई नया लाइसेंस भी जारी नहीं किया जाएगा और न ही पुराने लाइसेंस को रिन्यू किया जाएगा। साफ है कि आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे (बाईपास से होते हुए) और मथुरा-बरेली नेशनल हाईवे पर शराब की बिक्री बंद हो जाएगी।
यह आदेश नेशनल हाइवे के साथ-साथ स्टेट हाइवे पर भी लागू होगा, हाइवे के पास जो भी दुकानें होंगी वो कम से कम 500 मीटर की दूरी पर होंगी। माना जा रहा है कि लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों चाहे वो बस हो या ट्रक उसके ड्राइवरों के शराब पीकर गाड़ी चलाने के चलते एक्सीडेंट हो जाते हैं। बसों और ट्रकों के हादसों को देखते हुए ये आदेश जारी किया गया है।
देशभर के कई एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट को आंकड़ों सहित इस बात की जानकारी दी थी कि हाइवे पर शराब पीकर गाड़ी चलाने से हादसे बढ़े हैं और लोगों की जानें जा रही हैं। उनका कहना था कि हाइवे पर बनी शराब की दुकानों को हटाया जाना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कई महीनों तक इस पर सुनवाई की और लोगों की जान को अधिक महत्व देते हुए सभी स्टेट और नेशनल हाइवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दे दिया।