प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में परीक्षा के लिए 16 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां विभिन्न पालियों में कुल 39,456 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने सभी परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष में क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए जनरेटर सक्रिय रखने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र परिसर में मोबाइल फोन और अन्य आईटी गैजेट्स ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और परीक्षार्थियों के सामान को सुरक्षित रखने के लिए क्लॉक रूम की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने परीक्षा से पहले सभी केंद्रों का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
एसपी ने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने देने और संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने को कहा। डीआईओएस ने बैठक में बताया कि परीक्षा 25 और 30 अक्तूबर और एक नवंबर को आयोजित होगी।
प्रत्येक दिन दो पालियों में परीक्षा होगी। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक चलेगी। जिले के 16 केंद्रों में नौ अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, पांच सीबीएसई बोर्ड के विद्यालय और दो अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज शामिल हैं। प्रत्येक पाली में 6,576 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सभी छह पालियों में कुल 39,456 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा व्यवस्था के लिए 16 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 50 प्रतिशत कक्ष निरीक्षकों की वाह्य ड्यूटी निर्धारित की गई है।