हाथरस। जनपद में ज्यादातर गांव कस्बे बुखार से तप रहे हैं। बीमारों में वायरल के साथ ही मलेरिया और चिकनगुनिया के मिश्रित लक्षण मिल रहे हैं। बुखार से लगातार हो रही मौतों के चलते लोगों में भय व्याप्त है। गुरुवार को फिर एक युवक की मौत बुखार से हो गई। मौत से परिजनोें में हाहाकार मचा रहा।
गांव-गांव बुखार से हाहाकार मचा हुआ है। खाटों पर बीमार बेहाल अवस्था में पड़े हुए हैं। सुबह दोपहर शाम सिर्फ दवा से जिंदगी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बीमारों का उपचार करने की बजाय बीमारी को झुठलाने में लगे हैं। विभाग को जिले में न तो कहीं चिकनगुनिया नजर आ रहा है न डेंगू। ऐसे में बीमार लोगों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से भी उठता जा रहा है।
आगरा, हाथरस, अलीगढ़ जैसे शहरों में हाइटेक प्राइवेट पैथोलॉजी में की जा रही जांच में चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया निकल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लैब सिर्फ वायरल फीवर ही निकाल रही हैं। हालात ये हैं कि लोगों में बुखार से एक अंजाना भय व्याप्त हो गया है। गुरूवार को सादाबाद क्षेत्र के गांव विधिपुर में पंकज पुत्र विजेंद्र सिंह उम्र 18 साल की मौत हो गई। पंकज इंटर का छात्र था। उसे तीन दिन पहले बुखार आया था। जांच में उसे मलेरिया निकला था, जिसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
- जहां भी बुखार फैल रहा है, वहां टीम को भेजकर पीड़ितों का उपचार कराया जा रहा है। बुखार से पीड़ितों की चिकित्सा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम हर सीएचसी पीएचसी पर मौजूद हैं।
- डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ