बिना काम के कागजों पर रोजगार सेवकों को किया भुगतान, अब होगी वसूली
शासन के फरमान से मची खलबली
वीडीओ, एपीओ, बीडीओ और उपायुक्त श्रम रोजगार से होगी वसूली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत रोजगार सेवकों को बिना काम किए कागजों पर पिछले वित्तीय वर्ष में भुगतान किए जाने के मामलों में अब संबंधित अधिकारियों से वसूली की कार्रवाई की जाएगी। शासन स्तर से जारी फरमान के बाद यहां संबंधित विभाग की ओर से ब्लॉक वार ऐसे रोजगार सेवकों की सूची तैयार की जा रही है,जिन्हें मनरेगा के कार्य में योगदान न दिए जाने के बाद भी भुगतान कर दिया गया। इस सूची के तैयार होने के साथ साथ संबंधित अधिकारियों में खलबली मच गई है।
मनेरगा में ग्राम पंचायत स्तर से योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्राम रोजगार सेवकों की तैनाती की गई थी। इन ग्राम रोजगार सेवकों को किए कार्य के सापेक्ष मानदेय का भुगतान योजना के प्रशासनिक मद से किया जाता है। शासन के एक पत्र के माध्यम से यह बात सामने आई है कि मानव दिवसों के सृजन न होने के बाद भी संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से रोजगार सेवकों को मानदेय का भुगतान किया गया है। ऐसा यहां जिले में भी हुआ है।
अब पत्र आने के बाद संबंधित अधिकारियों में खलबली मच गई है। यहां जिले में भी ऐसे तमाम रोजगार सेवकों को भुगतान किया गया है,जो मनरेगा के कार्य के दौरान यहां जिले में मौजूद भी नहीं थे। कागजों पर कार्य दिखाकर भुगतान किया गया है। वहीं कुछ ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां मानक के अनुसार मानव दिवस भी सृजित नहीं हुए हैं, यहां तक कि कुछ ग्राम पंचायतों में तो मानव दिवस शून्य ही है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कागजों पर रोजगार सेवकों का भुगतान कर दिया है। आयुक्त ग्राम्य विकास ने निर्देश जारी किए हैं कि ऐसे सभी रोजगार सेवकों की सूची तैयार की जाए और स्पष्टीकरण तलब किया जाए।
उन्होंने कहा है कि जिन ग्राम पंचायतों में मानक दिवस शून्य हैं, वहां ग्राम रोजगार सेवकों को भुगतान की गई धनराशि की वसूली संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी, एपीओ, बीडीओ और उपायुक्त श्रम रोजगार से 25-25 प्रतिशत की जाएगी। शासन के इस पत्र के आने के बाद विभाग की ओर से सभी ब्लॉकों को रोजगार सेवकों की सूची बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं।