संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
पिछले दो दिन से तेज हवाओं के साथ लगातार हो रही बेमौसम बारिश की वजह से सादाबाद क्षेत्र के कई गांव में धान और बाजरा की फसल खेतों में बिछ गई है। इसके अलावा सरसों की बुआई और कई प्रकार की फल और सब्जियों की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
आलू किसानों ने भी आलू बुआई को फिलहाल टाल दिया है। जो बुआई हो चुकी थी, वह भी नष्ट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस आपदा से किसान बेहद परेशान हैं, उनके चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। किसानों का मानना है कि आज यदि बे मौसम बारिश का ये दौर न थमा तो वह बर्बाद हो जाएंगे।
गौरतलब हो कि किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ बाजरा, सरसों और धान के अलावा सब्जियों की फसल की थी, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी प्रकृति की मार ने किसानों को फिर से बेदम सा कर दिया है। जिन किसानों ने कर्जा लेकर या बाकी पर खेत लेकर फसल की थी, उनके अरमानों को बारिश ने धो डाला है।
-10 बीघा सरसों और पांच बीघा बाजरा की फसल की थी, बारिश से बाजरा में फफूंदी लगने की आशंका है। इसका दाना काला पड़ सकता है। वहीं, सरसों की फसल भी नष्ट हो गई है। पशुओं के चारे की भी समस्या होगी। - राजू, किसान, गढ़ी राधे, सादाबाद।
- 20 बीघा बाजरा और 20 बीघा सरसों की फसल की थी, लेकिन बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया। उनकी सरसों और बाजरा की फसल बर्बाद हो गई। प्रशासन को सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए। मदनलाल, किसान, गांव गढ़ उमराव सादाबाद।
- 15 बीघा सरसों और 10 बीघा में धान की फसल तैयार की थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में कटी पड़ी फसल पूरी तरह से खराब हो जाएगी। प्रशासन को सर्वे कराकर किसानों को राहत देनी चाहिए। - खेम सिंह, किसान, गांव सूमरा, सादाबाद।
- बारिश की वजह से सादाबाद तहसील क्षेत्र में जहां कहीं भी फसलों में नुकसान हुआ है, वहां बारिश के थमते ही लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की संयुक्त टीम को लगाकर सर्वे कराया जाएगा। किसानों को राहत प्रदान की जाएगी।- अंजली गंगवार, एसडीएम, सादाबाद।