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सादाबाद में ऑक्सीजन प्लांट का काम रुका

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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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जिले में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए सादाबाद में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट का काम अब रुक गया है। संचालक का आरोप है कि प्रशासन की ओर से प्लांट बनाने के काम में सहयोग नहीं किया जा रहा । प्रशासन ने अभी तक प्लांट लगाने के लिए ली गई भूमि को कृषि भूमि से आबादी भूमि में परिवर्तित नहीं किया है। यहां तक प्लांट में लगने वाली मशीनों के लिए लाखों रुपया कार्यदायी संस्था को दिया जा चुका है।
शासन स्तर से प्रत्येक जिले में कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निपटने को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इस क्रम में शासन स्तर से प्रत्येक जिले में ऑक्सीजन का प्लांट बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस जिले में भी उद्यमियों की मदद से ऑक्सीजन प्लांट बनाए जा रहे हैं।
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शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने लगाने वाले उद्यमियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए, जिससे उद्यमी प्लांट लगाने के लिए सामने आ सकें। सादाबाद में उद्यमी हरिपाल सिंह ने प्रशासन के सहयोग से ऑक्सीजन प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखा था। इस बीच प्रशासन की ओर से तत्काल ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली कंपनियों से संपर्क कराकर प्लांट लगाने की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसकी शुरुआत करा दी गई।
अब इस प्लांट निर्माण कार्य पूरी तरह से थम गया है। प्लांट संचालक का आरोप हैं कि प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि प्रशासन की ओर से दी गई कृषि भूमि को आबादी में भी परिवर्तित नहीं किया गया है। उन्होंने दो बार इस भूमि को आबादी में परिवर्तित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
प्लांट संचालक का कहना है कि प्लांट लगाने के लिए ऑक्सीजन बनाने वाली मशीनों के लिए संबंधित कंपनी को लाखों रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। संचालक का आरोप है कि प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं कि मशीनें मंगा लीजिए। इसके बाद ही भूमि को आबादी में घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
2.93 करोड़ रुपये प्लांट की लागत
इस ऑक्सीजन प्लांट से जिले में प्रतिदिन 200 सिलिंडर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जानी थी। इस प्रोजेक्ट की कीमत लगभग 2.93 करोड़ रुपये है। संचालक के अनुसार प्रशासन के सहयोग के आधार पर ही उद्यमी ने प्लांट लगाए जाने का निर्णय लिया था।
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प्लांट में मशीनें आने की जानकारी ली जा रही है। कृषि भूमि से आबादी करने का काम एसडीएम का है, वो कर देंगे। प्लांट की मशीनें व अन्य उपकरण मौके पर पहुंचें तो भूमि आबादी में तुरंत बदल दी जाएगी।
रमेश रंजन, डीएम हाथरस
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