संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की मंगलवार को अंतिम तिथि थी। एक अप्रैल से 15 जून के बीच जिले के पंद्रह हजार छह सौ किसानों ने छह लाख सात हजार क्विंटल गेहूं बेचा है। करीब साढ़े तीन हजार किसान पंजीकरण कराने के बाद भी क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच सके। हालांकि गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ने की चर्चाएं भी रहीं, लेकिन अभी तक इस बारे में शासन से कोई आदेश नहीं आया है।
उल्लेखनीय है कि इस बार कोरोना काल के चलते हाथरस सहित अधिकांश जगहों पर गल्ला मंडी बंद रही थी। इस कारण ज्यादातर किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर ही अपना गेहूं बेचा है। जिले में कुल 53 क्रय केंद्र बनाए गए थे। एक अप्रैल से 15 जून की शाम तक छह लाख सात हजार क्विंटल गेहूं की खरीद के साथ यह आंकड़ा लक्ष्य के मुकाबले 102 प्रतिशत के पार पहुंच गया है।
जिले के साढ़े तीन हजार किसानों ने पंजीकरण कराने के बाद क्रय केंद्रों की ओर रुख नहीं किया है। इस कारण वह गेहूं बेचने से वंचित रह गए। खास बात यह भी है कि एक दिन में एक केंद्र प्रभारी 300 क्विंटल से ज्यादा गेहूं की खरीद नहीं कर सकता। इस कारण बड़ी संख्या में किसान क्रय केंद्रों से गेहूं लेकर निराश होकर लौट गए।
डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि 15 हजार छह सौ किसानों ने छह लाख सात हजार क्विंटल गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है। अभी शासन स्तर से गेहूं खरीद की तिथि बढ़ने का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वैसे तिथि बढ़ने की चर्चाएं चल रही हैं।