चिकित्सकों और संसाधनों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल के वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में सोमवार को मात्र चार चिकित्सक ही मौजूद रहे, जिससे मरीजों को उपचार और परामर्श के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा। भीषण गर्मी में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बागला जिला अस्पताल इन दिनों चिकित्सकों और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 25 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष यहां सिर्फ 12 चिकित्सक तैनात हैं। जिला अस्पताल में ईएमओ के तीन पद स्वीकृत हैं। इसके बावजूद एक भी ईएमओ की तैनाती नहीं है, इसलिए ओपीडी के चिकित्सकों को ही इमरजेंसी में भी ड्यूटी करनी पड़ती है।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी मात्र चार चिकित्सकों के हवाले रही। रविवार को अवकाश के कारण सोमवार को ओपीडी में मरीजों का दबाव अधिक था। सोमवार को ओपीडी में लगभग 2000 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। चिकित्सक कम होने के कारण उनके कक्षोंं के सामने मरीजों की कतारें लग गईं। मरीजों को उपचार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
मरीजों का दर्दतबीयत खराब है। उपचार के लिए जिला अस्पताल आया हूं। अस्पताल में आए हुए लगभग एक घंटा हो गया। अभी तक नंबर नहीं आया है।
-चंद्रपाल, मरीज
कई दिन से बीमार हूं। उपचार के लिए जिला अस्पताल आई हूं। काफी देर से अपने नंबर का इंतजार कर रही हूं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है।
-लच्छो, मरीज
तबीयत खराब है। उपचार के लिए जिला अस्पताल आई हूं। यहां खड़े हुए करीब डेढ़ घंटा हो गया है। नंबर नहीं आ रहा है। खड़ा होने में भी मुश्किल हो रही है।
-भुड़िया, मरीज
अवकाश के बाद ओपीडी खुलने के कारण सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक थी। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। इसके लिए शासन को लिखा जा चुका है। हमारी कोशिश रहती है कि सीमित संसाधनों में मरीजों को अच्छा उपचार मुहैया कराएं।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बागला जिला अस्पताल