जिला अस्पताल में की ओपीडी में मरीजों की भीड़। संवाद
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भागदौड़ भरी जीवनशैली, मानसिक तनाव और गलत खानपान के कारण महिलाओं में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार जिले की करीब 28 प्रतिशत महिलाएं मोटापे की चपेट में हैं।
जिला महिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली करीब 12 फीसदी महिलाओं में मोटापे के लक्षण मिल रहे हैं। सीएमएस डॉ. डीएम सक्सेना ने बताया कि मानसिक तनाव से हार्मोनल असंतुलन और गलत खानपान के कारण वजन बढ़ रहा है। इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है।
बढ़ रहा गंभीर बीमारियों का खतरा
मोटापे से महिलाओं में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और थायराइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति ने बताया कि मोटापा प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। गर्भावस्था में जेस्टेशनल डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और सिजेरियन डिलीवरी का खतरा भी बढ़ जाता है।
इन बीमारियों का भी खतरा
- शरीर में चर्बी बढ़ने से इंसुलिन प्रतिरोध और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
- अतिरिक्त वजन से कम उम्र में जोड़ों और पीठ में दर्द की समस्या हो सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- संतुलित आहार: हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन लें।
- नियमित व्यायाम: रोज 30 से 40 मिनट टहलें या योग करें।
- पर्याप्त पानी: शरीर को हाइड्रेट रखें और मीठे पेय पदार्थों से बचें।