ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए यह राहत देने वाली खबर है। अब उन्हें नकदी जमा करने और निकालने के लिए बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले के चार सौ से अधिक गांवों में ‘बैंक सखी’ की तैनाती होगी। इसके लिए महिलाओं को सासनी के गांव किशनगढ़ी स्थित आरसेटी (केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं को टेस्ट पास करने के बाद शासन स्तर से पॉश मशीन दी जाएगी। छह माह तक इनके काम को देखते हुए इनको चार हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उसके बाद इन्हें कमीशन मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ स्वावलंबी बनाने पर खासा जोर दिया जा रहा है। इसके तहत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 461 बैंक सखियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महिलाओं को सासनी स्थित केनरा बैंक के आरसेटी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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छह दिन का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं का टेस्ट होगा। टेस्ट पास करने बाद महिलाओं का पुलिस से सत्यापन होगा। उसके बाद शासन स्तर से पॉश मशीन दी जाएगी। पॉश मशीन की मदद से महिलाएं खाता खोलेंगी। इसके अलावा मनरेगा की राशि निकालने के साथ अन्य लेनदेन भी करेंगी। करीब आधा दर्जन बैंकों से समझौता हुआ है। इन बैंकों के अधीन ये महिला सखी काम करेंगी।
461 महिलाओं को बैंक सखी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद एक टेस्ट होगा। टेस्ट पास करने के बाद शासन स्तर से महिलाओं को पॉश मशीन दी जाएगी। इन मशीन की मदद से महिलाएं खाता खोलने, नकदी जमा करने और निकालने का काम करेंगी। छह माह तक इनको चार हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उसके बाद ये महिलाएं कमीशन पर काम करेंगी। - एनके सेंगर ट्रेनिंग को-ऑर्डिनेटर, केनरा बैंक आरसेटी।