धनतेरस पर शहर में त्योहार के लिए बर्तन बाजार सजकर तैयार हो गया है। धनतेरस पर बर्तन और आभूषण खरीदने का विशेष क्रेज होता है। पिछले पांच साल से स्टील और पीतल पर 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गिरावट आई है, जिससे त्योहार पर कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है।
बर्तन कारोबारियों ने डिमांड के अनुसार फैंसी थाली, जग, लोटा, देग, पूजा की थाली, दीया, बर्तन स्टैंड, बाल्टी सहित अन्य बर्तनों का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में कर लिया है।
शहर के मोती बाजार, सराफा बाजार, बागला मार्ग, सासनी गेट, सरक्यूलर रोड सहित सभी बाजारों में बर्तन बाजार त्योहार के लिए सजे हुए हैं। अधिकांश दुकानदारों का मानना है कि इस साल त्योहार पर अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है।
- बर्तन कारोबार में दो दर्जन से अधिक चाइनीज बर्तनों की वैरायटी आती थीं, इस बार एक भी वैरायटी नहीं लाए हैं। ग्राहकों को देश में निर्मित बर्तनों को ही बेचा जाएगा। त्योहार अच्छा जाने की उम्मीद है।
- धर्मेंद्र अग्रवाल, बर्तन विक्रेता
- हमें तो अपने देश से प्यार है। पूरे देश में चीन का विरोध चल रहा है तो हम चीन के बर्तन क्यों बेचें। बर्तनों का पर्याप्त स्टॉक कर लिया है। स्टील और पीतल सस्ती है तो बर्तन कारोबार अच्छा जाएगा।
- दीपू सिंघल, बर्तन विक्रेता
- चीन पाकिस्तान का समर्थन करके आतंकवाद का साथ दे रहा है। एनएसजी में शामिल होने पर चीन ने विरोध किया। चीन का सामान बेचकर हम अब चीन को क्यों मजबूत करें। एक भी आइटम चीन मेड नहीं मंगाया
- विजय वार्ष्णेय, थोक विक्रेता
वहीं देश भर में चीन के प्रति चल रहे विरोध के चलते बर्तन कारोबार से चाइना बर्तन इस बार पूरी तरह से गायब हो गए हैं। चाइना के विभिन्न प्रकार के बर्तनों को इस बार थोक विक्रेताओं ने नहीं खरीदा है। थोक विक्रेताओं का कहना था कि जो देश का विरोध करेगा, उस देश की वस्तुओं का व्यापार भी नहीं किया जाएगा। भारत में निर्मित वस्तुओं को बेचकर अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।