आरोपी कपिल की नजर ताऊ की जमीन व घर पर भी। जगदीश प्रसाद की एक ही बेटी थी, जिनकी 26 वर्ष पहले शादी हो गई थी। वे समृद्ध परिवार में थीं तथा उनकी ओर से गांव की संपत्ति को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं थी।
हाथरस जंक्शन के गांव पहाड़पुर में जगदीश प्रसाद शर्मा की हत्या उनके ही भतीजे ने कर दी थी। चार साल पहले दिलाए ट्रैक्टर को वापस लेने तथा रोजाना तगादा करने से आरोपी परेशान था। इसलिए उसने एक बार में ही किस्सा खत्म करने की योजना बनायी। हत्या वाली रात उसने ताऊ के पैर दबाए थे और जब वे सो गए तो कुल्हाड़ी के एक ही वार से उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक के दामाद लक्ष्मण कुमार निवासी इगलास ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद जगदीश प्रसाद शर्मा गांव में ही रह रहे थे। चार भाइयों में से वे सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई भी स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हैं और ग्वालियर रहते हैं। तीसरे नंबर के भाई राजेंद्र बगल में रहते हैं तथा चौथे भाई की मृत्यु हो चुकी है। उनका परिवार भी गांव में ही है। आर्थिक रूप से सक्षम होने के कारण जगदीश प्रसाद शर्मा भाईयों के परिवार की मदद करते रहते थे। इसी के चलते उन्होंने राजेेंद्र के बेटे कपिल शर्मा को तीन साल पहले ट्रैक्टर दिलवाया था। पुलिस के अनुसार कपिल ने सही से काम नहीं किया। इस पर जगदीश ने ट्रैक्टर वापस ले लिया था और पांच लाख रुपये मांग रहे थे। इन्हीं पांच लाख रुपये को लेकर 27 अप्रैल की शाम को जगदीश प्रसाद ने कपिल को डांटा था तथा रुपये मांगे थे। डांटने के दौरान गाली भी दे दी थी। इस पर कपिल ने उन्हें रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
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एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हत्या के इरादे से कपिल रात 10 बजे ताऊ के पास पहुंचा तथा चारपाई पर लेटे जगदीश प्रसाद के पैर दबाए। जब वे सो गए तो वह सीढिय़ों का दरवाजा खोल आया और घर आकर सो गए। देर रात वह सीढिय़ों के रास्ते घर में घुसा और एक ही वार में सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी। आरोपी ने घर की साढिय़ों की नीचे ही कुल्हाड़ी छिपा दी थी। बृहस्पतिवार को एसओ ललित शर्मा ने टीम के साथ कपिल को पहाड़पुर से गिरफ्तार कर लिया।
ताऊ की जमीन व घर पर भी थी नजर
पुलिस छानबीन में सामने आया है कि आरोपी कपिल की नजर ताऊ की जमीन व घर पर भी। जगदीश प्रसाद की एक ही बेटी थी, जिनकी 26 वर्ष पहले शादी हो गई थी। वे समृद्ध परिवार में थीं तथा उनकी ओर से गांव की संपत्ति को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं थी। कपिल को लगा कि ताऊ के मरते ही कर्ज नहीं देना पड़ेगा। घर भी उसका हो जाएगा और खेत भी वही करता रहेगा। इसी लालच व आवेश में आकर उसने घटना को अंजाम दे दिया।