बजट में सरकार ने किसानों को ऋण देने सुविधा और बढ़ा दी है। किसानों को 20 हजार करोड़ रुपये ऋण बांटने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों का कहना है कि क्या सरकार यह चाहती है कि किसान हमेशा कर्ज में डूबा रहे।
इस बार के आम बजट से किसान निराश हैं। किसानों को आस थी कि बजट में पीएम किसान सम्मान निधि की धनराशि बढ़ेगी। किसानों के कर्ज माफ होंगे। एमएसपी की गारंटी मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। किसानों को बजट से सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है।
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किसानों उम्मीद लगाए बैठे थे कि बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि बढ़ेगी। अब तक किसान को इस निधि में छह हजार रुपये सालाना मिलते हैं। किसान उम्मीद लगाए बैठे थे कि कर्ज माफ होगा। किसान एमएसपी की गारंटी की मांग भी कर रहे थे, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुई।
हालांकि बजट में सरकार ने किसानों को ऋण देने सुविधा और बढ़ा दी है। किसानों को 20 हजार करोड़ रुपये ऋण बांटने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों का कहना है कि क्या सरकार यह चाहती है कि किसान हमेशा कर्ज में डूबा रहे। खेती में लागत बढ़ गई है, लेकिन किसानों की आमदनी नहीं बढ़ी।