हाथरस डिपो के पास वर्तमान में 85 बसें हैं। इनको चलाने के लिए 160 चालकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में 120 ही तैनात हैं। आलम ये है कि कई बार चालक की कमी के कारण बसें खड़ी रहतीं हैं। लंबी दूरी की बसों में दो चालकों को भेजना समस्या बन गया है।
केस नंबर 1
11 जुलाई को एटा मार्ग पर गांव टोली के निकट बांगरमऊ जा रही निजी बस पेट्रोल पंप के पास खड़े कंटेनर टे टकरा गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 37 घायल हो गए थे।
केस नंबर 2
22 जुलाई को सिकंदराराऊ के कासगंज रोड स्थित गांव निहालपुर के निकट रोडवेज बस चालक को झपकी आने की वजह से दो रोडवेज बसें आमने सामने से भिड़ गईं थीं। इस हादसे में 11 यात्री घायल हुए थे।
केस नंबर-3-्
26 जुलाई को सिकंदराराऊ के एटा रोड पर गांव रतिभानुपर के निकट सुबह छह बजे एक ऑटो आगे जा रहे अज्ञात वाहन से टकरा गया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई और उसके भाई ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
केस नंबर 4
16 जुलाई को अलीगढ़ के गंगीरी कोतवाली क्षेत्र के गांव उदयपुर निवासी एक परिवार आगरा से लौट रहा था। आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव कुंवरपुर में चालक को नींद की झपकी आ गई। कार और मैक्स की भिड़ंत हो गई। 12 लोग घायल हो गए थे।