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30 साल से था लापता: घर में दबा मिला कंकाल, कराया गया पोस्टमार्टम, लिया डीएनए का नमूना

Sat, 28 Sep 2024 02:41 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

बुद्ध सिंह किसान थे और 1994 से लापता चल रहे थे। उनका कोई सुराग नहीं लगा था। भाई प्रदीप और मुकेश के साथ हुए पंजाबी सिंह के झगड़े में पंजाबी सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी मां और दोनों भाइयों ने गांव के ही अपने एक साथी के साथ मिलकर बुद्ध सिंह की हत्या कर शव को घर के आंगन में ही दबा दिया था।
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कंकाल निकालने के लिए घर के बरामदे में खोदाई करते मजदूर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस में मुरसान के गांव गिलोंदपुर में 30 साल बाद मिले बुद्धसिंह के कंकाल का 27 सितंबर को पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान कंकाल से डीएनए का नमूना भी लिया गया। इस मामले में आरोपी दो बेटे पहले से ही फरार चल रहे हैं। उनका साथी कंकाल बरामद होने के बाद से फरार है।

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गांव गिलोंदपुर निवासी पंजाबी सिंह ने शिकायत की थी कि उनके पिता बुद्ध सिंह किसान थे और 1994 से वह लापता चल रहे थे। उनका कोई सुराग नहीं लगा था। भाई प्रदीप और मुकेश के साथ हुए पंजाबी सिंह के झगड़े में यह राज सामने आ गया था। पंजाबी सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी मां और दोनों भाइयों ने गांव के ही अपने एक साथी के साथ मिलकर बुद्ध सिंह की हत्या कर शव को घर के आंगन में ही दबा दिया था।

इसके पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में खोदाई कराई गई तो आंगन में दबा कंकाल मिल गया था। पंजाबी सिंह का कहना है कि वह पोस्टमार्टम के बाद हड्डियों को गंगा में विसर्जित करने के लिए लेकर जाएंगे। बुद्ध सिंह की पत्नी उर्मिला बेटे पंजाबी सिंह के पास ही रह रही है। बेटे प्रदीप और मुकेश पहले से ही फरार हैं। कंकाल मिलने के बाद उनका साथी भी फरार हो गया है।
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कंकाल मिलने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं
खोदाई में बुद्ध सिंह का कंकाल निकलने के बाद सवाल उठ रहा है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया है। मृतक की पत्नी उर्मिला पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप है, वह भी अभी शिकायत करने वाले बेटे पंजाबी सिंह के पास ही रह रही है। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार का कहना है कि कंकाल का पोस्टमार्टम हो गया है। डीएनए जांच के लिए नमूने भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच में जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि कंकाल बुद्ध सिंह का ही है, तब तक आगे की कार्रवाई के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

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