महाशिवरात्रि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, श्रद्धालु भी जोरशोर से तैयारियों में जुट गए हैं। गुरूवार को कांवड़ को सजाने के लिए सामान, शिवरात्रि व्रत की सामग्री की खरीदारी के लिए बाजार में श्रद्धालुओं की जमकर भीड़ उमड़ी।
गंगा घाट जाने से पहले लोगों ने कांवड़ को सजाने के लिए सामान की खरीदारी की। कावंड़ के सामान में पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। खास बात यह है कि इस बार व्रत की सामग्री के रेटों में ईजाफा नहीं हुआ है। फलों की कम आवक के चलते रेट बढ़े हुए हैं। रोडवेज प्रशासन भी महाशिवरात्रि को लेकर गंगा घाटों तक अतिरिक्त बस चलाएगा ताकि श्रद्धालु आसानी से गंगा घाटों तक पहुंच सकें।
ये है कावड़ सामान के दाम (प्रति नग)
लड़ी 30 रुपये, त्रिशूल 20 रुपये, टेनिस बल्ला 40 रुपये, तस्वीर 20 रुपये, तोता 20 रुपये, शीशा 15 रुपये, बंशी 10 रुपये, चुटीला 10 रुपये, चुन्नी 60 रुपये से शुरू हैं। गुड़िया 20 रुपये, डमरू 20 रुपये, माला 10 रुपये, रुमाल 10 से शुरू होकर 30 रुपये तक दुकानों पर उपलब्ध हैं। यह रेट प्रति नग के हैं।
व्रत की खाद्य सामग्री के दाम (प्रतिकिलो)
काली मिर्च 570 रुपये प्रति किलो, सिंगाड़ी 100 रुपये, कूट्टू आटा 100 रुपये, कूट्टू मिगी 120 रुपये, मखाने 450 रुपये, गोला 180 रुपये, मावा 360 रुपये, किशमिस 340 रुपये, काजू 680 रुपये तक बेचा जा रहा है। प्रत्येक सामान के दाम 20 से 50 रुपये की कमी आई है।
ये है फलों के दाम (प्रतिकिलो)
30 रुपये किलो के मुकाबले पपीता 40 रुपये बेचा जा रहा है। अनार 140 रुपये, चीकू 60 रुपये, अंगूर 80 रुपये, केला 30 से 40 रुपये, नारियल 30 से 40 रुपये, सेब 100 रुपये, संतरा 80 रुपये और बेर 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचे जा रहे हैं।
मथुरा-बरेली मार्ग पर लग रहे शिविर
हाथरस में सबसे ज्यादा कांवड़ सोरों व गंगा घाट से आती है। दूर की कांवड़ चलना शुरू हो गई है। शहर के कांवड़िया बृहस्पतिवार की शाम को रवाना होंगे। कांवड़ियों की सेवा के लिए मथुरा-बरेली मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविर भी लगाए गए हैं। इन शिविरों में दर्द निवारक दवा, चाय, पानी आदि के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
इस बार कोरोना काल नहीं है। ऐसे में बाजार में खूब रौनक है। इस बार कांवड़ सजाने के दाम बढ़े हैं। इसके बावजूद सामान की अच्छी बिक्री हो रही है।
- मुकेश गर्ग, दुकानदार
मंडी में फलों की आवक कम हो रही है। इसलिए फलों के दामों में उतार चढ़ाव चल रहा है। कुछ फलों के दाम कम हुए हैं तो कुछ के दाम बढ़े हैं। इस कारण खरीदारी भी प्रभावित हुई है।
- बन्ने खां, फल विक्रेता
इस बार सिंगाडी अधिक उत्पादन हुआ है। इस कारण सिंगाडी के दाम में 20 रुपये किलो की गिरावट भी है। कूट्टू सहित अन्य सामान पुराने दामों पर बेचा जा रहा है।
- अरविंद शर्मा, दुकानदार
इस बार कांवड़ ज्यादा आने की उम्मीद है। हालांकि कांवड़ के सामान के दाम उमें उछाल है। इस कारण कांवड़ सजाना महंगा हो गया है। व्रत की सामग्री के रेट न बढ़ने से थोड़ी राहत मिली है।
-महेश, ग्राहक