नौकरी दिलाने के नाम पर बरेली बुलाकर युवक से 10 माह तक बंधक बनाकर काम कराने का आरोप लगा है। पीड़ित का दावा है कि उससे मजदूरी नहीं दी गई और विरोध करने पर मारपीट की गई। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुरसान क्षेत्र के नगला धर्मा निवासी अजय प्रताप सिंह के अनुसार, करीब एक साल पहले भरत ने बरेली की कंपनी में दवाओं का हिसाब-किताब रखने सहित अन्य कार्यों के लिए 24 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी देने की बात कही थी। पिता के कैंसर से पीड़ित होने और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मां सावित्री देवी के साथ बरेली पहुंच गया।
आरोप है कि अंबे एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड में जगदीश कुशवाह, भरत और नागेंद्र उर्फ अंकुश निवासी नौहझील, बाजना, मथुरा ने रहने-खाने के नाम पर 22 नवंबर 2025 को उससे 24 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद उससे जबरन काम कराया गया। प्रतिदिन 50 से 100 लोगों का खाना बनवाने के साथ अन्य युवकों को नौकरी का लालच देकर बुलाने की जिम्मेदारी भी दी गई। करीब 10 माह तक वेतन नहीं मिला।
किसी तरह घर पहुंचे अजय ने आरोप लगाया कि बाद में उस पर मोबाइल और रुपये चोरी करने का आरोप लगाकर परिवार को धमकाया गया। उसने करीब दो लाख रुपये की बकाया मजदूरी दिलाने और सुरक्षा की मांग की है। कोतवाली प्रभारी गिरीशचंद्र गौतम ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।