हाथरस। आम आदमी को अब कृषि उत्पादन मंडी समिति से महंगा अनाज खरीदने के लिए मजबूर होना पडे़गा। शासन ने अब मंडी में आढ़तियों का कमीशन 1.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.50 प्रतिशत कर दिया है। एजेंटों को मिलने वाला कमीशन भी 25 पैसे से बढ़ाकर 50 पैसे की गई है, जिससे अनाज, दाल, देसी घी, फल, सब्जियां, गुड़ और अन्य कृषि उत्पाद 15 रुपये प्रति क्विंटल तक महंगे हो जाएंगे। आम लोगों को भी महंगी चीजें खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा। कुल मिलाकर कमीशन में हुई इस बढ़ोतरी की मार आम आदमी पर महंगाई की शक्ल में ही पड़ने जा रही है। पहले से ही खाद्य महंगाई की मार से कराह रहे आम लोगों की मुश्किलें यह बढ़ोतरी और बढ़ा सकती है। उनके लिए खाना-पीना और दूभर हो जाएगा।
कृषि उत्पादन मंडी समिति ने अब मंडी में काम करने वाले आढ़तियों की लंबे समय से लंबित चल रही कमीशन बढ़ाने की मांग शासन ने पूरी कर दी है। अब मंडी परिषद ने आढ़तियों के कमीशन में सीधे एक प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। पहले 1.50 प्रतिशत के कमीशन पर काम करने वाले आढ़तियों को अब क्रेता से 2.50 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। इसके साथ ही परिषद द्वारा मंडी में दलाली करने वाले एजेंटों को 25 पैसे प्रति क्विंटल के हिसाब से जो कमीशन दिया जाता था, उसमें भी वृद्धि कर दी गई है। अब दलालों को 50 पैसे प्रति क्विंटल के हिसाब से दलाली मिलेगी। यह पैसा भी क्रेता को ही भुगतना होगा।
-मंडी में कारोबार करना है तो मंडी के नियमों के अंतर्गत ही करना होगा। वैसे भी आढ़ती लंबे समय से कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जो मंडी परिषद ने स्वीकार कर ली है।
-चंद्रपाल शर्मा, आढ़ती
-हम तो हमेशा अपने ग्राहकों को अच्छा और कम कीमत पर माल दिलाने के प्रयास करते हैं। अब तक इस कार्य का हमें 25 पैसा प्रति क्विंटल की दलाली मिलती थी। मंडी समति परिषद ने यह बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है।
नरेंद्र कुमार, एजेंट
किसान को अनाज के अच्छे भाव मिलने चाहिए। बढे़ हुए कमीशन का भुगतान खरीदार को करना है, जिससे किसानों को कोई फर्क नहीं पडे़गा।
-मनोज पाठक, बपंडई
-मंडी परिषद से जो आदेश मिले थे, उनका मंडी में विधिवत रूप से अनुपालन कराने के लिए सभी व्यापारी संगठनों को विधिवत रूप से सर्कुलर जारी कर अबगत करा दिया गया है।
-ब्रजपाल सिंह, मंडी सचिव