बागला कॉलेज में एलएलबी की प्रयोगात्मक परीक्षा में विद्यार्थियों से सवाल-जवाब करते परीक्षक।
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बेगुनाह लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र अपने भविष्य को किस कदर ‘उज्ज्वल’ कर रहे हैं यह मंगलवार को पीसी बागला महाविद्यालय में देखने को मिला। विधि स्नातक (एलएलबी) की मंगलवार को हुई प्रयोगात्मक परीक्षा में कई परीक्षार्थी एलएलबी का फुल फॉर्म भी नहीं बता पाए।
कई परीक्षार्थी दिए गए टॉपिक पर प्रैक्टिकल फाइल भी नहीं तैयार कर पाए। एलएलबी प्रथम वर्ष व बीएएलएलबी तृतीय वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षा का आयोजन मंगलवार को नोडल सेंटर पीसी बागला महाविद्यालय में किया गया।
सेंटर पर नगला आल स्थित श्रीमती लौंगश्री देवी कॉलेज ऑफ लॉ के परीक्षार्थी इसमें शामिल हुए। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए आगरा और अलीगढ़ से परीक्षक आए थे। कई परीक्षार्थियों की फाइलें अधूरी मिलीं।
दिए गए टॉपिक पर फाइल तैयार न किए जाने की वजह से कई परीक्षार्थी खाली हाथ परीक्षा देने पहुंच गए। कई परीक्षार्थियों ने अन्य परीक्षार्थियों की फाइल लेकर उसकी फोटो स्टेट कराकर फाइल तैयार की और उसे लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंचे।
यह देखकर परीक्षक भी हैरान रह गए। परीक्षकों ने जब परीक्षार्थियों से सवाल जवाब करना शुरू किया तो कई परीक्षार्थी संविधान से संबंधित सवालों का जवाब नहीं दे सके। एलएलबी प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षा में कुल 86 में से 38 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे।
जबकि बीएएलएलबी तृतीय वर्ष की परीक्षा में कुल 21 परीक्षार्थियों में से चार परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे। परीक्षा के दौरान प्राचार्य मेजर राजकमल दीक्षित ने भी सहयोग प्रदान किया।
एलएलबी प्रथम वर्ष और बीएएलएलबी तृतीय वर्ष के कई परीक्षार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान एलएलबी का फुल फॉर्म भी नहीं बता पाए। कई परीक्षार्थी प्रैक्टिकल फाइल भी आधी अधूरी-बनाकर लाए थे।
-डॉ. मनोज शर्मा, परीक्षक