आगरा रोड पुलिस चौकी पर लग्जरी कार से रविवार को चेकिंग के दौरान मिली 25 लाख रुपये की रकम दिल्ली के राजेंद्र नगर निवासी ट्रांसपोर्टर परमजीत सिंह कक्कड़ की थी। आयकर विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद इस रकम को सीज कर दिया था और कक्कड़ को रविवार को ही नोटिस भेजकर सोमवार को अपना जवाब देने को कहा था।
आयकर विभाग के अधिकारियों के रकम को सीज करने के बाद जांच जारी रहने तक यह रकम रिलीज नहीं हो सकेगी। परमजीत सिंह कक्कड़ कई व्यापारियाें, कर्मचारियों और अपने सीए के साथ हाथरस आयकर विभाग के कार्यालय पहुंचे।
नोटबंदी के बाद आयकर विभाग के जोन स्तर के कार्यालयों में फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट बनाई गई है। एक एडिशनल कमिश्नर को इसके लिए नामित किया गया है। कालाधन होने के अंदेश में पकड़ी गई करेंसी की जांच यही यूनिट करती है।
यही वजह रही कि कक्कड़ को हाथरस से अलीगढ़ कार्यालय भेज दिया गया जहां दिनभर उनसे पूछताछ का दौर चला। यही नहीं हाथरस के आयकर अधिकारी भी कक्कड़ से पूछताछ के लिए अलीगढ़ गए। देर तक चली पूछताछ में ट्रंासपोर्टर बरामद रकम का हिसाब नहीं बता सके हैं।
हालांकि उनसे अभी और पूछताछ की जाएगी। वह अपने खातों की बैलेंस शीट आदि लेकर पहुंचे थे। सीए ने अधिकारियों के सामने कई दलीलें भी दीं लेकिन अधिकारी इससे संतुष्ट नहीं हुए।
18.5 लाख के नए नोटों की होगी जांच
आगरा रोड पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान दिल्ली की लग्जरी कार से पकड़े गए 25 लाख रुपये में से 18.5 लाख रुपये नए नोटों में हैं। आयकर विभाग सोमवार को नई करेंसी की जांच में जुटा रहा। वहीं रविवार रात को कई घंटे चली पूछताछ में कार में सवार दोनों आरोपी तजेंद्र और नारायण दत्त मिश्रा अधिकारियों को रकम का श्रोत नहीं बता सके। आयकर अधिकारियों ने देर रात दोनों आरोपियों और कार को छोड़ दिया लेकिन रकम की जांच अभी जारी है।
कोतवाली में देर रात तक हाथरस के आयकर अधिकारी अतुल चतुर्वेदी के साथ आयकर विभाग की पूरी टीम पूछताछ में जुटी रही। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने इस मामले में आयकर विभाग की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही थी। आयकर विभाग ने दिल्ली के राजेंद्र नगर निवासी तजेंद्र पुत्र राजेंद्र से पूछा कि बैंक से नकदी की निकासी की सीमा तय होने के बावजूद उन्होंने लाखों के नए नोट कहां से हासिल किए। वह इन नोटों को कहां से कहां और क्यों ले जा रहे थे। आरोपियों के बयान दर्ज किए जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। आयकर विभाग अब नई करेंसी के सीरियल नंबर को आरबीआई भेजेगा। इससे यह पता चल सकेगा कि यह करेंसी किस बैंक से बाहर आई है। अगर करेंसी को नियम विरुद्ध तरीके से बैंक से बाहर निकाला गया है तो इसमें बैंक की भूमिका की भी जांच होगी।
आचार संहिता के उल्लंघन का नहीं बनता मामला
आचार संहिता लागू होने के बाद 50 हजार से ज्यादा की रकम ले जाने पर रोक लगी है। 25 लाख की रकम मिलने के बावजूद इस मामले में पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन का कोई केस दर्ज नहीं किया। इस बारे में इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक दल के नेता से यह रकम बरामद होती या यह तय हो जाता कि यह रकम किसी नेता के चुनाव के लिए जा रही थी, तभी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जा सकता था।