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Hathras News: नहीं बना कबाड़ केंद्र, कहां रखेंगे पुराने वाहन, स्थापना के लिए काई नहीं मिल रहा आवेदन

Fri, 28 Mar 2025 04:30 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

15 साल से अधिक होने पर वाहन कबाड़ हो जाता है। हाथरस में ऐसे 15 हजार से अधिक कबाड़ वाहन सड़क पर चल रहे हैं। हाथरस में कबाड़ केंद्र नहीं है, जहां कबाड़ वाहन रखे जा सकें। इसके लिए कोई आवेदन करने में भी रूचि नहीं ले रहा है।
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कबाड़ वाहन - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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हाथरस जिले में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को कबाड़ किए जाने के लिए अभी तक कबाड़ केंद्र (स्क्रैप सेंटर)का निर्माण नहीं हो जा सका है। इसकी स्थापना के लिए कोई भी आवेदन एआरटीओ कार्यालय को नहीं मिल रहा।

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जिले में पिछले दो सालों से स्क्रैप सेंटर तैयार किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक स्क्रैप सेंटर तैयार होना तो दूर, इसकेे लिए कोई आवेदन भी विभाग को नहीं मिला है। कुछ माह पूर्व मिले एक प्रस्ताव को मानक पर खरा न उतरने के कारण निरस्त कर दिया गया।

हालात यह हैं कि जिले में 15 साल से अधिक पुराने करीब 15 हजार वाहन जमकर फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन इन पर कार्रवाई करने में अधिकारी सकुचा रहे हैं, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों को रखे जाने का भी इंतजाम जिला प्रशासन के पास नहीं है। अब एआरटीओ की ओर से जिले के कारोबारियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर स्क्रैप सेंटर बनवाने की कोशिश की जा रही है।
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स्क्रैप सेंटर बनवाने के लिए एक आवेदन आया था, लेकिन आवेदनकर्ता की जमीन मानक के अनुरूप एक जगह पर नहीं थी। इस कारण उसे निरस्त कर दिया गया। अब फिर आवेदन मांगे जा रहे हैं। कुछ लोगों से व्यक्तिगत तरीके से संपर्क कर स्क्रैप सेंटर बनवाए जाने की कोशिश की जा रही है।-लक्ष्मण प्रसाद, एआरटीओ, हाथरस।

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जमीन के साथ दो करोड़ रुपये का बजट चाहिए

परिवहन विभाग के मानक के आधार पर स्क्रैप सेंटर बनाए जाने के लिए करीब दो करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है। इस धनराशि से भवन निर्माण के साथ मशीनों की खरीद किया जाना भी शामिल है। इसकी स्थापना के लिए करीब दो एकड़ जमीन भी चाहिए। ऐसे में किसी एक व्यक्ति के लिए इतना बड़ा निवेश किया जाना मुमकिन नहीं हो पा रहा।

सड़कों पर दौड़ रहे करीब 15 हजार वाहन
यूं तो जिले में करीब 60 हजार वाहन 15 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं, लेकिन इसमें से करीब 15 हजार वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इन वाहनों के संचालन पर रोक लगाए जाने के लिए स्क्रैप सेंटर के निर्माण की आवश्यकता है।
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