परिवहन विभाग के मानक के आधार पर स्क्रैप सेंटर बनाए जाने के लिए करीब दो करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है। इस धनराशि से भवन निर्माण के साथ मशीनों की खरीद किया जाना भी शामिल है। इसकी स्थापना के लिए करीब दो एकड़ जमीन भी चाहिए। ऐसे में किसी एक व्यक्ति के लिए इतना बड़ा निवेश किया जाना मुमकिन नहीं हो पा रहा।
सड़कों पर दौड़ रहे करीब 15 हजार वाहन
यूं तो जिले में करीब 60 हजार वाहन 15 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं, लेकिन इसमें से करीब 15 हजार वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इन वाहनों के संचालन पर रोक लगाए जाने के लिए स्क्रैप सेंटर के निर्माण की आवश्यकता है।