त्योहार के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई के बीच साइबर ठग सक्रिय हो चुके हैं। ठग शहर के हींग-मसाला कारोबारियों और अन्य खाद्य उत्पादकों को फोन कर एफडीए की लखनऊ लैब से सैंपल फेल होने का डर दिखाकर रुपये ऐंठने का प्रयास कर रहे हैं।
शहर में अब तक पांच व्यापारियों के पास इस तरह के फोन आ चुके हैं। मसाला व हींग कारोबारी नितिन वार्ष्णेय ने बताया कि उनके पास शनिवार की सुबह फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को लखनऊ की एफडीए लैब से बताते हुए कहा कि उनके प्रोडक्ट का सैंपल एफडीए टीम ने लिया था, जो कि लैब में फेल हो चुका है। पास कराने के लिए उसने 12 हजार 500 रुपये मांगे।
उद्यमी ने बताया कि उनके यहां से कोई सैंपल नहीं लिया गया था। पूछने पर उसने बताया कि मथुरा से सैंपल लिया गया था। ज्यादा पूछताछ करने पर उसने फोन काट दिया। इसी तरह शहर के अन्य नमकीन व हींग कारोबारियों के पास पिछले तीन दिन में कई कॉल आ चुके हैं। शहर के पांच प्रमुख व्यापारियों पर कॉल आने की जानकारी पर नितिन वार्ष्णेय ने व्हाट्सएप ग्रुप में अपने मिलने वालों संदेश साझा किया, जिससे कोई झांसे में न आ जाए।
गूगल से निकाल रहे नंबर, फोन पर भेज रहे क्यूआर कोड
ठग गूगल के जरिये शहर के प्रमुख खाद्य कारोबारियों के मोबाइल नंबर निकाल लेते हैं और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। फोन पर उनके प्रोडक्ट के फोटो व फर्जी रिपोर्ट भी डाली जा रही है। उनके उत्पाद को विभिन्न मापदंडों पर फेल दर्शाकर क्यूआर कोर्ड भेजा जाता है। 10 से 12 हजार रुपये की ही डिमांड की जाती है, जिससे आसानी से पूरी हो जाए।
एफडीए मिलावट को रोकने के लिए लगातार सैंपल भर रही है। लैब या विभाग की ओर से व्यापारियों को किसी तरह के फोन नहीं किए जाते हैं। कई जिलों में इस तरह के मामले सामने आए हैं, इसलिए व्यापारी सावधान रहें और फोन पर आने पर सीधे कार्यालय में संपर्क करें।
-मनोज कुमार तोमर, आयुक्त खाद्य सुरक्षा द्वितीय