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हाथरस : हड़ताल से दूसरे दिन भी चरमराया कामकाज

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केनरा बैंक बुर्जवाला कुआं पर प्रदर्शन करते बैंककर्मी। संवाद - फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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अधिकांश बैंकों में दूसरे दिन हड़ताल के चलते कामकाज बेपटरी रहा। बैंकें लगातार बंद होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली, एलआईसी और डाकघर में कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से इन दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। काम के लिए पहुंचे लोग बैरंग लौट आए।
उल्लेखनीय है कि सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में बिजली, बैंक, डाकघर सहित कई कार्यालयों के कर्मी हड़ताल पर हैं। मंगलवार की सुबह से ही कर्मियों ने नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। इस कारण सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप्प रहा। काम के लिए पहुंचे लोग बैरंग लौट आए। लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ा।
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एटीएम भी हो गए खाली, भटके ग्राहक
शनिवार से बैंकें बंद चल रहे हैं। इस कारण शहर से ग्रामीण क्षेत्र तक एटीएम की कैश ट्रे खाली हो गई हैं। लोगों को नकदी के लिए भटकना पड़ रहा है। शहर के कई एटीएम इंटरनेट कनेक्टविटी बाधित होने से शोपीस बने रहे।
कुछ एटीएम में थोड़ी बहुत नकदी थी तो वह सुबह खाली हो गए। बुधवार को बैंकें नियत समय से खुलेगे। बैंकों में लंबित कामों को निपटाने के लिए लोग पहुंचेंगे। एटीएम की कैश ट्रे को भी फुल किया जाएगा। कुल मिलाकर चार दिन बाद आमजन के लिए नकदी आदि की समस्या खत्म होगी। संवाद
80 से 100 करोड़ रुपये का टर्न ओवर प्रभावित
हाथरस जिले में 140 बैंक शाखाएं हैं। बैंक की हड़ताल में एसबीआई व ग्रामीण अंचल शाखाओं के कर्मी शामिल नहीं हुए। इस कारण करीब 60 बैंकों में काम हुआ। छह दर्जन से अधिक बैंकों में कामकाज नहीं हुआ। दूसरे दिन भी करीब 80 से 100 करोड़ का टर्न ओवर प्रभावित हुआ।
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ग्राहकों को परेशानी
- बैंकों की दो दिन की हड़ताल ने कामों में बाधा खड़ी कर दी हैं। यहां तक की नकदी की कमी हो गई है। इस कारण खासी परेशानी हो रही है।
रूपेश गर्ग, ग्राहक
- बैंक कर्मियों की मांग पर सरकार को विचार करना चाहिए। बैंक बंद होने से टर्नओवर तो प्रभावित होता है। साथ ही आमजन को काफी मुश्किलें हो रही हैं।
-राजीव आर्य, ग्राहक
- अधिकांश एटीएम में कैश कमी है। कुछ एटीएम में इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत चल रही है। इस कारण नकदी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ रहा है।
- मोहित, ग्राहक
- शुक्रवार के बाद से बैंकें नहीं खुले हैं। लगातार बैंक बंद होने से कामकाज नहीं हो पा रहा है। लेन-देन के काम लंबित हो गए हैं। समस्या पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
- हबीब, ग्राहक
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