संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शहर के बीचो-बीच घनी आबादी वाले इलाके घंटाघर गांधी चौक में एक महिला का शव उसके घर के अंदर पड़ा मिला। इस शव को मकान का ताला तोड़कर निकाला गया। बीच शहर में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई। इस महिला का 22 वर्षीय बेटा लापता है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव का बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कोतवाली सदर इलाके के गांधी चौक घंटाघर पर 50 वर्षीय रीता अग्रवाल अपने 22 वर्षीय बेटे यशु अग्रवाल के साथ रहती थीं। उनके पति संजय अग्रवाल की करीब छह साल पहले डेंगू से मौत हो गई थी और दाल मिल कारोबारी थे। रीता अपने बेटे यशु अग्रवाल के साथ घंटाघर गांधी चौक पर पर रहती थी और उनका बेटा घर के बाहर ही कन्फेक्शनरी की दुकान करता था।
मंगलवार की सुबह से ही घर में कोई हलचल नहीं हुई और घर का दरवाजा भी बाहर से बंद था। इस पर आस-पड़ोस के लोगों को कुछ शक हुआ। देर शाम इसकी जानकारी अन्य परिजनों व रिश्तेदारों को मिली तो वह भी चिंतित हो गए।
इन लोगों ने जब रीता और उनके बेटे यशु को फोन किया तो दोनों के फोन स्विच ऑफ आ रहे थे। इस पर रीता अग्रवाल के जीजा प्रदीप कुमार गोयल निवासी औद्योगिक क्षेत्र ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी तो पुलिस रात्रि 11 बजे रीता अग्रवाल के घर पर पहुंची। उनके घर का ताला बाहर से बंद था।
पुलिस ने इस पर वीडियोग्राफी कराई और फिर घर का ताला तुड़वाया। रात्रि में भी वहां लोग एकत्रित हो गए। घर के अंदर रीता का शव घर के अंदर बिस्तर पर पड़ा मिला। देखने से ही लगता था कि रीता की हत्या की गई है। उसकी नाक से खून बह रहा था। हालांकि कोई चोट का निशान नहीं था।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार भी वहां पहुंच गए। पुलिस ने वहां गहनता से जांच-पड़ताल की तो यह पाया कि प्रथमदृष्टया घर में किसी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं हुआ है और न ही घर में रखी किसी वस्तु/संपत्ति से कोई छेड़छाड़ की गई। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
मौके पर डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य का कहना है कि पुलिस प्रत्येक पहलू की जांच करते हुए अग्रिम आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है। महिला के लापता बेटे की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।