न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नए साल की शुरुआत के साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कई नियमों में बदलाव हो गया है। बिना ई वे बिल के माल पकड़े जाने पर 200 फीसदी तक का जुर्माना लगेगा। कर अधिवक्ता विनोद अग्रवाल ने बताया कि एक जनवरी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईंटीसी) के प्राविधान सख्त किए गए हैं। टैक्स इनवायस का पोर्टल पर प्रदर्शित होना अनिवार्य है। धारा 16 और नियम 36(4) को सख्त किया गया है। किसी महीने में अगर करदाता ने रिर्टन थ्री भी नहीं दाखिल किया तो अगले महीने जीएसटीआर वन नहीं भर सकेंगे। संवाद
ये हैं जीएसटी के बदले नियम
- माल पकड़े जाने पर जुर्माना देय कर 200 फीसदी तक लगेगा, जबकि अभी तक यह 100 फीसदी तक लगता था।
- माल पकड़े जाने पर अगर अपील में जाएंगे तो कारोबारी को प्री डिपोजिट अर्थदंड का 25 फीसदी जमा करना होगा।
- अगर 18 फीसदी जीएसटी दर का एक लाख रुपये का माल पकड़ा जाता है तो उस पर 36 हजार रुपये अर्थदंड लगेगा। अपील पर जाने से पहले अर्थदंड का 25 फीसदी यानि नौ हजार रुपये जमा करने होंगे। अभी तक केवल 18 सौ रुपये प्री डिपोजिट करने होते थे।
- जीएसटीआर वन में यदि थ्री बी के सापेक्ष अधिक कर घोषित कर दिया गया तो विभाग बिना कारण बताओ नोटिस दिए रिकवरी कर सकेगा।
-संस्थाओं द्वारा सदस्यों से प्राप्त शुल्क अब जीएसटी के दायरे में आएगा।
- कुर्की के प्राविधान नए साल से चार गुना ज्यादा हो जाएंगे। फर्जी इनवायस जारी करने वाले मास्टर माइंड पर कुर्की की कार्रवाई होगी।
- रिटर्न स्क्रूटनी के मामले, जिनमें एएसएमटी 10 जारी है, वह कुर्की के दायरे में रहेंगे।