न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
क्षेत्र के गांव थरौरा में ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) के ड्यूटी पर न आने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को नवनिर्मित पंचायत भवन पर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है गांव में नहीं आने के कारण वह ग्राम पंचायत अधिकारी गजेंद्र सिंह को चेहरे से भी नहीं जानते। कुछ बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों का कहना है कि जब वह ग्राम प्रधान के पास जाते हैं तो वह कहते हैं कि यह काम तो ग्राम पंचायत अधिकारी करेंगे। जब वह उसी कार्य के लिए विकास खंड कार्यालय में जाते हैं तो पता चलता है कि पंचायत सचिव वहां भी नहीं पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से विकास खंड कार्यालय की दूरी लगभग साढ़े तीन किमी है। कभी-कभी तो रास्ते में जाते समय बाइक सवार उनको बैठा लेते हैं। किसी दिन उनको पैदल ही आना-जाना पड़ता है। विकास खंड में पहुंचने के बाद पता लगता है कि उनके गांव के सचिव आए ही नहीं हैं। उनके समय से नहीं आने से गांव में विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। संवाद
मैंने कई बार बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत देकर सचिव को गांव से हटाने की मांग की है, लेकिन अभी तक उनका तबादला इस गांव से नहीं हुआ है। वह मनमानी करते हैं। किसी काम में रुकावट डालना उनकी आदत बन चुकी है। ग्रामीणों को भी काफी परेशानी होती है। वह आए-दिन मेरे निवास पर आकर हंगामा करते रहते हैं।
- मनोज कुमार यादव, प्रधान ग्राम पंचायत थरौरा
ग्राम पंचायत अधिकारी के बारे मेें काफी शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अब वही इस पंचायत सचिव के बारे में उचित निर्णय लेंगे।
- उदय प्रताप सिंह, एडीओ पंचायत