न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। बैठक में सबसे ज्यादा हंगामा कुछ महिला जिला पंचायत सदस्यों के पतियों के बैठक में शामिल होने को लेकर हुआ। इस दौरान हुई तीखी नोक-झोंक के बीच बैठक शुरू हुई। विपक्षी सदस्यों का आरोप था कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं और काफी समय से कार्य लंबित हैं। सदस्यों के साथ कई विधायकों का भी यह कहना था कि जिला पंचायत कार्यालय का यह सभागार काफी छोटा है और भविष्य में बैठक की व्यवस्था कहीं और कराई जाए। बैठक में नई सड़कों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, जिला पंचायत के नए कार्यालय के निर्माण, अमृत सरोवर के निर्माण, गोशालाओं में भूसाघर बनाने व टिनशेड लगवाने जैसे कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। करीब 20 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पारित किए गए। जिला पंचायत सदस्यों से सुझाव भी मांगे गए।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। बैठक शुरू होते ही वहां तब हंगामा शुरू हो गया, जब जिला पंचायत सदस्य प्रीती सेंगर के पति एसपी सिंह सेंगर ने अपनी पत्नी के साथ बोलना शुरू कर दिया। बैठक में मौजूद विधान परिषद सदस्य ऋषिपाल सिंह ने उनके पति को टोक दिया। उनका कहना था बैठक में जिला पंचायत सदस्य ही रहें और उनके प्रतिनिधि बैठक से चले जाएं। इस पर एसपी सिंह सेंगर के समर्थन में कुछ और सदस्य व सदस्यों के पति आ गए। वहां तीखी नोक-झोंक हो गई। इस सदस्यों का कहना था कि बैठक में वैसे ही कोई बोलने नहीं देता और ऊपर से अब बोलने से भी रोका जा रहा है।
इनका कहना था कि पदेन सदस्य होेने के नाते उन्हें भी बोलने से रोकने का अधिकार नहीं है। काफी शोर-शराबा इस दौरान हुआ। बाद में विधायक प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी व सीडीओ साहित्यप्रकाश मिश्र ने इन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया और बोर्ड की बैठक में बोर्ड के सदस्यों के अलावा अन्य लोगों को बैठक कक्ष से बाहर कर दिया गया। इस मौके पर कुछ सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्य पूरे न करने का आरोप लगाया। इन सदस्यों का कहना था कि जिले में गोशालाओं की दशा सुधारी जाएं। पानी का संकट दूर किया जाए और जो अधूरे निर्माण पड़े हैं। उन्हें पूरा किया जाए।
सादाबाद विधायक गुड्डू चौधरी व सदर विधायक अंजुला माहौर का कहना था कि भविष्य में इस तरह की बैठकें किसी बड़े सभागार में कराई जाए। यहां पर्याप्त जगह नहीं है। जिला पंचायत की बैठक में यह करोड़ों रुपये के कार्यों के प्रस्ताव रखे गए। इसमें तय किया गया कि 12 करोड़ रुपये की धनराशि से जिले में सड़कें बनाई जाएंगी और पुरानी सड़कों की दशा सुधारी जाएगी। करीब पांच करोड़ रुपये की धनराशि से गांवों में एलईडी लाइटें लगवाई जाएंगी। साथ ही इस प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई कि जिला पंचायत हर ब्लॉक में एक-एक अमृत सरोवर बनवाएगी। नाले-नालियों की दशा भी सुधरवाएगी। जल्द ही गांव बरसै में जिला पंचायत का नया भवन भी बनना शुरू हो जाएगा। सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्य के लिए और प्रस्ताव मांगे गए। अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार त्रिपाठी का कहना है कि यह प्रस्ताव पारित हो गए।
बैठक में विधान परिषद सदस्य ऋषिपाल सिंह, सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, सादाबाद विधायक गुड्डू चौधरी, जिला पंचायत सदस्य ईशान चौधरी, प्रीति सेंगर, प्रभा सिंह, उम्मेद सिंह, विपिन यादव, सुमन यादव, रामेश्वर पहलवान, निहाल सिंह दिवाकर के अलावा मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, हाथरस ब्लॉक प्रमुख पूनम पांडेय, सुदामा देवी आदि मुख्य रूप से मौजूद थे। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार त्रिपाठी ने किया। संवाद