न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिजली अधिकारियों द्वारा अब गांव वार बकायेदारों की सूची निकाली जा रही है। गंगाचौली, दरकई, लाखनू, अल्हैपुर, बेरगांव सहित कई गांवों के लोगों पर करोड़ों रुपये का बकाया है। गांव गंगचौली में ही 87 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। अन्य गांवों पर इसी तरह बकाया है। अब नए साल में करोड़ों के बकाया को वसूलने की कवायद शुरू हो गई है। विभागीय अफसर यह कह रहे है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बिजली का बिल जमा नहीं कर रहे हैं। कनेक्शन काटने के दौरान लोग विरोध करते हैं। अब इन गांवों के ट्रांसफार्मर से जंफर खोलने की तैयारी है, ताकि नए साल में बकाया हासिल हो सके।
उल्लेखनीय है कि बिजली महकमे का जिले में करीब 700 सौ करोड़ रुपये का बकाया है। ओटीएस में लोग पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। शहर से देहात तक बिजली विभाग द्वारा ओटीएस का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद भी बकाया हाथ नहीं लग रहा है। अब विभाग के अफसरों की नजर बड़े बकायेदारों पर है।
जैसे गांव गंगचौली पर 87 लाख 46 हजार पांच सौ 45 रुपये के बकायेदार हैं। गांव लाखनू, अल्हैपुर, तुरसैन और परसारा गांव को जाने वाली बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर से जंफर खोले जाएंगे। एसडीओ केजी अग्रवाल का कहना है कि गंगाचौली, लाखनू, अल्हैपुर और बेरगांव में करोड़ों रुपये का बकाया है। ग्रामीण क्षेत्र में राजनीति के कारण लोग बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। अब जिन गांवों पर अधिक बकाया होगा, उन गांवों के ट्रांसफार्मर से जंफर खोले जाएंगे। बकाया वसूली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अफसरों का दबाव है।