न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सावन के तीसरे सोमवार को सुबह से ही शहर के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु पहुंचेंगे। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक का सिलसिला चलेगा। शाम को विग्रहों के भव्य शृंगार किए जाएंगे। भजन-कीर्तन के साथ भक्ति की बयार बहेगी।
विद्वानों के मुताबिक तीसरे सोमवार को श्लेषा नक्षत्र, वरीयान योग, शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि किमस्तुषधन और गर करण योग रहेगा। सुबह से शहर के चौबे वाले महादेव, चिंताहरण महादेव, बौहरेश्वर महादेव, नमृदेश्वर महादेव, गापेश्वर नाथ महादेव आदि मंदिरों में श्रद्धालु दूध, दही, गंगाजल और शहद आदि सामग्री से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे।
बेलपत्र और चंदन अर्पित कर भोग लगाकर महाआरती करेंगे। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक का सिलसिला चलेगा। रविवार को मंदिरों में साफ-सफाई की गई। रंग-बिरंगी लाइटों से देवालयों को सजाया गया। हालांकि इस बार कोविड गाइड लाइन के तहत श्रद्धालुओं को बारी-बारी से पूजा-अर्चना करने की अनुमति रहेगी। सार्वजनिक आयोजन नहीं होंगे। रविवार की शाम तक भक्त तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
गंगाघाटों को जा रहे कांवड़िये
हाथरस। सावन के तीसरे सोमवार से पहले कांवड़ियों के जत्थे गंगाजल लाने के लिए गंगाघाटों को जा रहे हैं और वहां से सजी-धजी कांवड़ें लेकर वापस लौट रहे हैं। इन-दिनों सड़कों पर कांवड़ियों की आवाजाही देखी जा सकती है। संवाद