न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बुखार का प्रकोप जारी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में लगातार बुखार के मरीज आ रहे हैं। जिले में बुखार से एक छह वर्षीय मासूम सहित तीन लोगों की मौत हो गई। संक्रामक रोगों से बचाव के लिए शहर में कई इलाकों में फॉगिंग भी की गई।
जिले में अब तक करीब एक दर्जन मौतें बुखार से हो चुकी हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार से ग्रसित रोगियों का तांता लगा हुआ है और वार्ड हाउस फुल हैं। काफी लोग बाहर भी अपना उपचार करा रहे हैं। जहां-जहां बुखार से लोगों की मौत हो गई है और मरीज मिल रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपने शिविर लगाकर लोगों का उपचार कर रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारी भी भागदौड़ कर रहे हैं। अब कस्बा मेंडू में 35 वर्षीय एक युवक ऊदल सिंह (35 वर्ष) की बुखार से मौत हो गई। उसे बुखार आने पर सोमवार की रात्रि में जिला अस्पताल लाया गया था। वहां उसकी मौत हो गई। इधर, सिकंदराराऊ के कस्बा पुरदिलनगर के ललिता गेट निवासी 65 वर्षीय इंद्रकली पत्नी रामजीलाल को कई दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार की दोपहर को उन्होंने दम तोड़ दिया। इधर, बुखार व अन्य संक्रामक रोगों के मद्देनजर शहर के कई इलाकों में फॉगिंग भी कराई गई।
कुरसंडा में बुखार से छह साल के मासूम की मौत
सादाबाद। क्षेत्र के गांव कुरसंडा में मंगलवार को फिर से गांव में एक छह वर्षीय मासूम बच्चे की बुखार से मौत हो गई।
कुरसंडा निवासी शंकरपाल सविता केवीएम कुरसंडा बाल विद्या मंदिर में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। उनके छह वर्षीय बेटे देव कुमार सविता चार दिन पहले तेज बुखार आ गया था तो परिजन उसे उपचार के लिए खंदौली ले गए। वहां एक निजी चिकित्सालय में देव कुमार को जांच में डेंगू की पुष्टि की गई। परिजनों ने उसे आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां तीन दिन इलाज चलने के बाद मंगलवार की दोपहर को देव कुमार की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव में कुछ दिन पहले भी नौ साल के मासूम जयंत अग्रवाल पुत्र विपिन अग्रवाल की बुखार से मौत हो चुकी है। लगातार बुखार से मौत होने पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। संवाद
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हुई शुरुआत
हाथरस। बेकाबू हो रहे बुखार को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में विशेष संवेदीकरण एवं संचारी नियंत्रण अभियान की शुरुआत मंगलवार से कर दी। इसके तहत संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार व अन्य संचारी रोगों से पीड़ित लोगों को चिन्हित कर रही हैं। ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने कोरोना से बचाव के लिए टीका नहीं लगवाया है। सीएमओ डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी का कहना है कि यह अभियान 16 सितंबर तक चलेगा। संवाद