न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पुलिस हिरासत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता की मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच पूरी हो गई है। जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी (एडीएम) (न्यायिक) ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। वहीं मृतक के भाई द्वारा आमरण अनशन की चेतावनी के बाद मंगलवार को स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। डीएम और भाजपा के दोनों विधायकों ने मृतक की पत्नी को पांच लाख रुपये की अनुदान सहायता राशि का चेक सौंपा।
उल्लेखनीय है कि 16 मई को चंदपा क्षेत्र के गांव बिसाना में दो पक्षों में पुरानी रंजिश को जमकर मारपीट, पथराव व फायरिंग हुई थी। इसमें कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में रात्रि में ही पुलिस गांव के राजकुमार उर्फ राजू को पकड़कर थाने ले आई थी। राजकुमार उर्फ राजू आरएसएस का कार्यकर्ता भी था। राजू की हालत बिगड़ गई थी और पुलिस उसे जब कोतवाली चंदपा से जिला अस्पताल लेकर आई थी तो वहां उसकी मौत हो गई थी। इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। एसपी ने तत्कालीन कोतवाली निरीक्षक चंदपा चतर सिंह राजौरा सहित पांच पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए थे। राजू की हत्या का मुकदमा कोतवाली प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना अलीगढ़ की क्राइम ब्रांच शाखा कर रही है। डीएम ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम (न्यायिक) मोइनुल इस्लाम को सौंपी थी।
इस मामले में मृतक के परिजनों, संबंधित पुलिसकर्मियों, चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मियों व कुछ अन्य लोगों के बयान हुए थे। अन्य पहलुओं पर भी जांच की गई थी। एडीएम ने यह जांच पूरी कर ली है और इसकी रिपोर्ट डीएम रमेश रंजन को सौंप दी है। इधर, मृतक के भाई ने इस मामले में कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इसके मद्देनजर मंगलवार को प्रशासन हरकत में आया।
प्रशासन ने पीड़ित परिवार को कलेक्ट्रेट में बुलाया। वहां डीएम रमेश रंजन, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राना व सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने मृतक राजकुमार की पत्नी अंजना को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष द्वारा प्राप्त पांच लाख रुपये की सहायता राशि का चेक दिया। इस सिलसिले में एडीएम (न्यायिक) मोइनुल इस्लाम ने बताया कि इस प्रकरण में जांच पूरी कर ली गई है और यह जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक की पत्नी को पांच लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी दिया गया है। संवाद
मृतक के भाई ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
हाथरस। वहीं मृतक राजकुमार के भाई महाराज सिंह ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जिला स्तर की जांच से वह संतुष्ट नहीं है। यह जांच तो पुलिस को बचाने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके भाई की हत्या कर दी और मिलीभगत कर उनके भाई की मौत का कारण पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक दिखा दिया। संवाद