संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
अफगानिस्तान में हो रही हिंसा को लेकर यहां के हींग कारोबार पर असर पड़ रहा है। कारोबारियों की मानें तो 25 फीसदी तक इसके दाम बढ़ गए हैं। यहां हींग का काफी कच्चा माल अफगानिस्तान से आता है। कारोबारियों का कहना है कि यदि अफगानिस्तान में हालात न सुधरे तो हींग के निर्माण और कारोबार पर और ज्यादा असर पड़ेगा।
हाथरस हींग निर्माण का एक बड़ा केंद्र है। हींग के कच्चे माल की आपूर्ति यहां अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान से आती है। जानकार बताते हैं कि वहां से रेजीन (दूध) आता है। यह वहां पाए जाने वाले एक पौधे से निकलता है। इसको हींग में बदलने का प्रोसेस हाथरस में होता है।
यहां हींग की चार दर्जन से ज्यादा फैक्ट्री हैं। अब तक यह कच्चा माल बड़ी आसानी से यहां आ रहा था लेकिन जब से अफगानिस्तान के हालात बिगड़े हैं। यहां के हींग कारोबार पर भी उथल पुथल शुरू हो गई है। 15 से 20 फीसदी तक रेट बढ़ गए हैं। वैसे भी कोरोना के चलते यह कारोबार यहां पहले से ही प्रभावित था। फैक्ट्री संचालक इससे काफी चिंतित हैं।
- अफगानिस्तान में जब से हालात बिगड़े हैं। तब से यहां हींग का कारोबार भी प्रभा वित हुआ है। कच्चा माल आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा। यदि अफनानिस्तान के हालात और बिगड़े तो हींग के उद्योग पर भी इसका व्यापक असर पड़ेेगा। अभी तक अफगानिस्तान हमारा मित्र देश था। अब वहां तालिबान का कब्जा हो गया है। - मनोज अग्रवाल, हींग उद्यमी
- अफगानिस्तान में जिस तरह से हिंसा हो रही है। इसका असर यहां के हींग कारोबार पर पड़ेगा। अभी भी कच्चे माल की आपूर्ति में अड़चनें आ रही हैं। वैसे अफगानिस्तान को लेकर हमारी सरकार की पॉलिसी पर भी काफी हद तक यह निर्भर करेगा कि वहां से माल की आपूर्ति होगी या नहीं। - पंकज अग्रवाल, हींग कारोबारी