संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर कम होते ही शासन ने स्कूल-कॉलेजों को खोलने का निर्णय लिया है। सोमवार से कोरोना के दिशा-निर्देशों के तहत सभी स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं का शिक्षण कार्य प्रारंभ होगा। गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी लहर के चलते चार जनवरी से स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद कर दिया गया था।
अब स्कूल सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत खोले जाएंगे। स्कूल परिसर को साफ रखना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और मास्क पहनकर फेस कवर करना अनिवार्य होगा। स्टाफ व शिक्षकों के लिए टीके की दोनों खुराक लेने की अनिवार्यता रखी गई है।
गौरतलब है कि कोरोना के चलते अभी तक यहां आनलाइन कक्षाएं चल रही थीं, लेकिन अब कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू की जाएंगी। अभी कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के सभी प्राइमरी स्कूल बंद रहेंगे। शासन की ओर से सोमवार से सभी माध्यमिक स्कूलों और विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों को खोलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के साथ सोमवार से कक्षा नौ से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूल और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। अभी प्राइमरी कक्षाएं इसलिए नहीं खोली गई हैं, क्योंकि संक्रमण कम होने के बावजूद छोटे बच्चों को इससे बचाना जरूरी है। अभी सर्दी भी अधिक है। तीसरी लहर के कारण प्रदेश सकार ने छह फरवरी तक सभी स्कूल व डिग्री कॉलेजों को बंद करने के निर्देश दिए थे। सिर्फ आनलाइन कक्षाएं ही संचालित हो रही थीं।
कक्षा- 9, 10, 11 व 12 तक के सभी स्कूल और सभी डिग्री कॉलेज कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सोमवार से खुलेंगे। मास्क पहनने की अनिवार्यता एवं कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना और समय-समय पर जारी अन्य निर्देशों का कड़ाई से पालन कराते हुए अब सात फरवरी 2022 से अग्रिम आदेशों तक स्कूल-कॉलेज खुले रहेंगे।
-ऋतु गोयल, डीआईओएस
- कोरोना संक्रमण अब कम हो गया है। तभी तो शासन ने डिग्री कॉलेजों को खोलने का निर्णय लिया है। शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन कराते हुए ही विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। हमारे कॉलेज सोमवार से खुल रहे हैं। कॉलेज में आने वाले विद्यार्थियों का मास्क लगाकर आना और सैनिटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य है। इससे वह खुद भी सुरक्षित रहेंगे और दूसरों को भी सुरक्षित रख सकेंगे।
-डॉ इंदु वार्ष्णेय, आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज
- कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को भौतिक पठन-पाठन शुरू होने से लाभ मिलेगा। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में से काफी विद्यार्थी स्मार्ट फोन से वंचित होने के कारण जिन समस्याओं का सामना ऑनलाइन पढ़ाई में कर रहे थे, वो अब उन्हें नही होंगी। हम सभी मिलकर कोविड महामारी के सभी नियमों का पालन करते हुए भौतिक पठन पाठन को अमल में लाकर विद्यार्थियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करें।
-डॉ प्रीतिका शर्मा, प्रधानाचार्या श्री उमेशचंद्र कौशिक आदर्श विद्या निकेतन इंटर कॉलेज