हाथरस : पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देते आईएमए के पदाधिकारी। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट में एक महिला मरीज की मौत के बाद धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज होने से महिला रोग विशेषज्ञ ने अस्पताल परिसर में आत्महत्या कर ली थी। इसे लेकर हाथरस में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बृहस्पतिवार से शुक्रवार सुबह छह बजे तक सभी अस्पताल, क्लीनिक और डायग्नोसिस सेंटर बंद रखने का निर्णय लिया है। आईएमए ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल को ज्ञापन भी सौंपा है।
राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट एक महिला मरीज की मौत के बाद डॉक्टर को प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने उन पर हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया था। इससे परेशान होकर डॉ. अर्चना शर्मा ने अस्पताल में ही आत्महत्या कर ली थी। मृत्यु से पूर्व डॉ. अर्चना शर्मा ने सुसाइड नोट लिखा था कि ‘मैं मेरे पति, मेरे बच्चों से बहुत प्यार करती हूं, कृपया मेरे मरने के बाद इन्हें परेशान नहीं करना। मैंने कोई गलती नहीं की है, किसी को नहीं मारा है। पीपीएच एक पहले से ज्ञात समस्या है। इसके लिए डॉक्टर को इतना प्रताड़ित करना बंद कीजिए। मेरा मरना शायद मेरी बेगुनाही साबित कर दें’
डॉ. अर्चना शर्मा की खुदकुशी के बाद हाथरस में भी निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों ने आक्रोश व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी विनीत जायसवाल से किसी भी दशा में बिना जांच डॉक्टरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज न किए जाने की मांग की है। हाथरस आईएमए के पदाधिकारी डॉ. एसके राजू गावर ने बताया कि आईएमए के आह्वान पर हाथरस के सभी अस्पताल, क्लीनिक और डायग्नोसिस सेंटर 24 घंटे के लिए बंद हैं। इसके पीछे लालसोट (दौसा) में हुई एक बहुत ही दुखद घटना है। आनंद हॉस्पिटल की महिला रोग विशेषज्ञ ने एक ऑपरेशन किया, जिसमें मरीज की मौत हो गई थी। उसके बाद उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ पुलिस ने 302 का मुकदमा भी दर्ज किया था। इसके बाद महिला चिकित्सक ने आत्महत्या कर ली थी। इस मौके पर डॉ. सौरभ गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार ,डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ.माधवी शर्मा, डॉ. अजय बंसल डॉ. दीपक, डॉ. विनोद सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद