संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कक्षा सात की 12 वर्षीय एक छात्रा के साथ दुष्कर्म करने वाले को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रतिभा सक्सेना ने 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दुष्कर्मी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सहपऊ क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने तहरीर दी कि 29 दिसंबर 2013 को सुबह उसकी बेटी घर से पशुओं के लिए भूसा निकालने के लिए घेर में बने टीन के कमरे में चली गई। जब वह भूसा निकाल रही थी। तभी जितेंद्र पुत्र सुरेश ने उसे बुरी नीयत से दबोच लिया। बेटी के चिल्लाने पर उसकी आवाज सुनकर उसका पिता, चाचा व भाई आ गए।
जितेंद्र उसे छोड़कर भाग गया। इस मामले में थाना सहपऊ में मुकदमा दर्ज हुआ। वह 12 वर्ष की थी और कक्षा सात में पढ़ती थी। विवेचक ने मामले की विवेचना की और अभियुक्त जितेंद्र के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत न्यायालय ने अभियुक्त जितेंद्र को दोषी माना। कोर्ट ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और 51 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को नियमानुसार पहचान सुनिश्चित करके दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केके शर्मा ने की।
...तो बालिकाओं का घरेलू कार्यों से बाहर निकलना दुष्कर हो जाएगा
विशेेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम प्रतिभा सक्सेना ने आदेश में कहा कि अभियुक्त द्वारा कारित अपराध समाज विरोधी कृत्य है। यदि समाज में अवयस्क बालिकाओं के साथ किए जाने वाले अपराधों में अपराधी के साथ न्यायालय द्वारा उदारता का दृष्टिकोण अपनाया गया तो इससे समाज में अराजकता और असुरक्षा की भावना उत्पन्न होगी। अवयस्क बालिकाओं का घर में रहना एवं घरेलू कार्यों से बाहर निकलना भी दुष्कर हो जाएगा। संवाद