न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)।
गांव रतिभानपुर निवासी युवराज सिंह यादव के सात स्कूलों में करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति के घोटाले के मामले में गैर जमानती वारंटी के बावजूद नामजद छह आरोपियों ने न तो अदालत में समर्पण किया है और न हीं पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर पाई है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कानपुर के विवेचना अधिकारी शिवप्रसाद दुबे ने इसे अदालत की अवमानना मानते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस अब इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करेगी।
ईओडब्लू सेल कानपुर के निरीक्षक शिवप्रसाद दुबे ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि गांव रतिभानुपर निवासी युवराज सिंह यादव के सात स्कूलों में करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाला किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद इसकी जांच उनके द्वारा की जा रही है। मेरठ के भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय द्वारा इसमें शामिल छह लोगों के खिलाफ 22 दिसंबर 2020 को गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
इसके बाद छह आरोपी राजेश पुत्र होडल सिंह, सुनील पुत्र होडल सिंह निवासी गांव रतिभानपुर, संजय कुमार पुत्र रामेश्वर निवासी गांव भुर्रका, मणवीर पुत्र सरदार सिंह निवासी शेरपुर, गिरीश पाल पुत्र रामवीर निवासी गांव पिपलगवां, अरुण कुमार शर्मा पुत्र रमेश निवासी गौसगंज सिकंदराराऊ न तो अदालत में हाजिर हुए हैं और न हीं गिरफ्तार हो सके हैं। निरीक्षक ने बताया कि अदालत इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई के आदेश करे, इससे पूर्व कानूनन इनके खिलाफ अदालत की अवमानना की रिपोर्ट धारा 174 क आईपीसी के तहत दर्ज कराई जाती है। इंस्पेक्टर शिवप्रसाद दुबे ने बताया कि अब इन सभी छह लोगों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।