न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
चीनी पर डेढ़ सौ रुपये क्विंटल और रिफाइंड के दामों में आई 100 से 200 रुपये प्रति टिन की गिरावट से शादी समारोहों के आयोजकों को निश्चित रूप से बड़ी राहत मिली है। शादियों पर होने वाले उनके कुल खर्चे में भी कमी आई है। कारोबारियों की मानें तो सहालगों में एक शादी समारोह में कम से कम 15 से 20 टिन रिफाइंड तेल की खपत होती है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कई महीने से रिफाइंड, चीनी व सरसों के तेल के दामों में बढ़ोतरी से आम आदमी का घरेलू खर्च काफी बढ़ गया था। अब सरकार ने इन वस्तुओं पर ड्यूटी को कम कर दिया है, जिससे रिफाइंड के दामों में 100 से 200 रुपये प्रति टिन की कमी आई है। वहीं चार हजार रुपये प्रति क्विंटल में बिकने वाली चीनी के दाम भी 3,850 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। खास बात है यह कि सहालगों व चुनाव से पहले खाद्य तेलों के दामों में आई इस कमी से न केवल शादी समारोहों के आयोजकों को राहत मिली है, बल्कि आने वाले दिनों में चुनावी दावतों पर खर्चा करने वाले नेताओं को भी राहत मिलेगी। संवाद
10 रुपये प्रति लीटर कम हुए सरसों के तेल के दाम
सरसों का तेल जिले में पैदा होने वाली सरसों से तैयार होता है। इस बार सरसों के दाम अधिक रहे हैं। इस कारण सरसों के तेल के दामों में दस रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई है। इससे भी आमजन को खासी राहत मिली है।
सोयाबीन रिफाइंड की आवक बाहर से होती है। अब ड्यूटी कर घटने से रिफाइंड में 15 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई है। रिफाइंड के टिन पर 100 से 200 रुपये कम हुए हैं। सहालगों में तकरीबन 15 से 20 टिन रिफाइंड की खपत हो जाती है। चुनावों में भी रिफाइंड की खपत खूब होती है।
-अनिल वार्ष्णेय, तेल कारोबारी।
जब से पुरानी चीनी का स्टॉक आ रहा था। अब नई चीनी की आवक शुरू हो गई है। इस कारण चीनी के दाम चार हजार से 3,850 रुपये पर पहुंच गए हैं। सहालगों व चुनावों में चीनी की अच्छी-खासी खपत होती है।
-प्रदीप गुप्ता, चीनी कारोबारी